Mumbai के Manori में Desalination Plant का विरोध, मछुआरों और पर्यावरण समूहों ने जताया डर

Maharashtra: मुंबई के उत्तरी तट पर BMC द्वारा प्रस्तावित Desalination Plant को लेकर विवाद बढ़ गया है। Manori इलाके के निवासी, मछुआरे और पर्यावरण समूह इस प्रोजेक्ट के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि इस प्लांट से सम

Maharashtra: मुंबई के उत्तरी तट पर BMC द्वारा प्रस्तावित Desalination Plant को लेकर विवाद बढ़ गया है। Manori इलाके के निवासी, मछुआरे और पर्यावरण समूह इस प्रोजेक्ट के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि इस प्लांट से समुद्री जैव विविधता को नुकसान होगा और हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी।

हाल ही में जमीन के सर्वे शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। Koli समुदाय और Gorai Fisherman Society जैसे समूहों ने BMC और पर्यावरण विभाग को आवेदन देकर सर्वे रोकने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिना किसी विस्तृत चर्चा के इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। मछुआरों ने शिकायत की है कि Gorai-Manori तट पर शुरुआती ड्रिलिंग काम से पहले ही मछलियों की पकड़ कम हो गई है।

दूसरी तरफ, BMC के Additional Municipal Commissioner Abhijit Bangar ने कहा कि यह प्लांट तट रेखा से दूर बनाया जाएगा, जिससे मछली पकड़ने के काम में कोई बाधा नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन समुद्र के नीचे करीब तीन किलोमीटर गहराई में डाली जाएगी। BMC का कहना है कि मुंबई की बढ़ती पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए यह प्रोजेक्ट जरूरी है।

इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
प्रोजेक्ट की लागत ₹11,166.17 करोड़
शुरुआती क्षमता 200 MLD (बाद में 400 MLD तक बढ़ाई जा सकती है)
समय सीमा 2025 से 2029
कॉन्ट्रैक्टर GVPR Engineers Limited और IDE Technologies
तकनीक Seawater Reverse Osmosis (SWRO)

MoEFCC की एक्सपर्ट कमेटी ने इस प्रोजेक्ट को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है। इसमें सबसे बड़ी शर्त यह है कि समुद्री पानी से निकलने वाले खारे कचरे (Brine) का असर समुद्री जीवों पर न पड़े, इसके लिए ₹10 करोड़ के रिसर्च फंड का इंतजाम करना होगा। साथ ही Manori Creek में किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाई गई है क्योंकि यह मछुआरों के लिए मुख्य क्षेत्र है।

इससे पहले 15 जून को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने Northern Coastal Road प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था। उस दौरान भी स्थानीय लोगों ने मैंग्रोव के विनाश और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को होने वाले नुकसान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।