Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए पानी की किल्लत दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। BMC द्वारा Manori गांव में प्रस्तावित 400 MLD क्षमता वाले समुद्री पानी से पीने योग्य पानी बनाने वाले प्लांट (Desalination P
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए पानी की किल्लत दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। BMC द्वारा Manori गांव में प्रस्तावित 400 MLD क्षमता वाले समुद्री पानी से पीने योग्य पानी बनाने वाले प्लांट (Desalination Plant) को केंद्र सरकार की पर्यावरण मंत्रालय की कमेटी ने CRZ मंजूरी दे दी है। यह प्लांट समुद्र के खारे पानी को साफ कर उसे पीने लायक बनाएगा, जिससे शहर की पानी पर निर्भरता कम होगी।
प्लांट को मंजूरी मिलने की शर्तें और नियम क्या हैं?
केंद्र सरकार ने यह मंजूरी कुछ खास शर्तों के साथ दी है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। BMC को इस प्रोजेक्ट के लिए रिसर्च के तौर पर 10 करोड़ रुपये अलग से देने होंगे, जिससे समुद्री जीवन और खारे पानी के असर की जांच की जा सके। साथ ही, पाइपलाइन बिछाने के लिए टनलिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा ताकि समुद्र की सतह और मैंग्रोव को कोई नुकसान न हो। ऊर्जा बचाने के लिए कम से कम 10% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
स्थानीय मछुआरों और पर्यावरण पर क्या असर होगा?
Manori क्रीक एक बड़ा फिशिंग ग्राउंड है, इसलिए स्थानीय मछुआरों की बात सुनकर वहां किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगाई गई है। मंजूरी में साफ कहा गया है कि मछुआरों की रोजी-रोटी पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। मैंग्रोव बफर जोन में किसी भी काम के लिए कोर्ट की मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को CRZ इलाके से बाहर वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाया जाएगा।
प्रोजेक्ट की लागत और काम की मौजूदा स्थिति क्या है?
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 11,166 करोड़ रुपये है, जिसमें निर्माण और अगले 20 साल तक के रखरखाव का खर्च शामिल है। BMC ने इसका कॉन्ट्रैक्ट GVPR Engineers Limited और IDE Technologies को दिया है। साइट का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है और राज्य सरकार ने जमीन का कब्जा भी दे दिया है। अब पानी को शहर तक पहुंचाने वाली टनल के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर भी बुला लिए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Manori Desalination Plant की क्षमता कितनी होगी?
इस प्लांट की कुल क्षमता 400 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) होगी। शुरुआत में इसे 200 MLD से शुरू किया जाएगा और बाद में इसे बढ़ाकर 400 MLD किया जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम हैं?
समुद्री जीवन को बचाने के लिए टनलिंग मेथड से पाइपलाइन बिछाई जाएगी, मैंग्रोव की सुरक्षा की जाएगी और खारे पानी (Brine) के असर को कम करने के लिए 10 करोड़ रुपये का रिसर्च फंड रखा गया है।