Mumbai में मानखुर्द बिल्डिंग हादसा: ठेकेदार और मालिक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- जान जोखिम में डालना गलत
Maharashtra/Mumbai: मुंबई की मानखुर्द इलाके में एक अवैध इमारत गिरने से छह लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में मुंबई सत्र न्यायालय ने कथित ठेकेदार अब्दुल वाहिद इदरीसी और इमारत के मालिक तैयब अली यूसुफ कुरैशी की अग्रिम जमा
Maharashtra/Mumbai: मुंबई की मानखुर्द इलाके में एक अवैध इमारत गिरने से छह लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में मुंबई सत्र न्यायालय ने कथित ठेकेदार अब्दुल वाहिद इदरीसी और इमारत के मालिक तैयब अली यूसुफ कुरैशी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने माना कि इस हादसे में लापरवाही साफ दिख रही है और आरोपियों ने लोगों की जान जोखिम में डाली।
यह हादसा 5 जुलाई 2026 को भारी बारिश के दौरान हुआ था जब चार मंजिला अवैध इमारत ढह गई थी। इस दर्दनाक घटना में पांच बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें अलीया (7), मुस्कान (14), निहाल (6), नबिया (2), सोनी (32) और मुनाफ (7) शामिल थे। एक अन्य पीड़ित दो साल की अलीया शेख भी थीं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर.एम. जाधव ने सुनवाई के दौरान पाया कि ठेकेदार अब्दुल वाहिद इदरीसी को इमारत की खराब हालत के बारे में पहले से पता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हादसे से पहले एक ऑटो रिक्शा चालक पर टाइल गिरी थी जिससे वह घायल हो गया था और इसकी जानकारी इदरीसी को दी गई थी। इसके बावजूद उसने इमारत को नहीं हटाया और उसे खतरनाक हालत में ही रहने दिया।
प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट को बताया कि यह इमारत लगभग चार साल पहले बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से बनाई गई थी। BMC अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि यह निर्माण कलेक्टर की जमीन पर था और पूरी तरह गैरकानूनी था। मानखुर्द पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई मेयर रितु तावडे ने बताया कि जिस इमारत पर यह अवैध ढांचा गिरा, वह अधिकृत थी, जिससे वहां रहने वाले मासूम लोग शिकार हुए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।