Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को अंतरिम जमानत दे दी है, जिस पर शादी का झूठा वादा करके एक महिला का यौन शोषण करने और उससे 73 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी करने का आरोप था। यह फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट की वेकेश
Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को अंतरिम जमानत दे दी है, जिस पर शादी का झूठा वादा करके एक महिला का यौन शोषण करने और उससे 73 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी करने का आरोप था। यह फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट की वेकेशन कोर्ट ने सुनाया है। दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते के बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया।
क्या था पूरा मामला और कोर्ट ने क्या शर्तें रखीं?
यह मामला मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़ा है। आरोप था कि आरोपी ने अक्टूबर 2017 से फरवरी 2026 के बीच महिला को धोखा दिया। जस्टिस श्याम सी. चंदक ने आरोपी को 50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड और एक या दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही आरोपी को हर हफ्ते सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बीच मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी।
समझौते के बाद कैसे मिली जमानत?
शिकायतकर्ता की वकील निराली शर्मा ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर एक आपसी समझौता हो गया है। इस समझौते की लिखित जानकारी (pursis) कोर्ट के रिकॉर्ड में ले ली गई है। आरोपी ने समझौते के तौर पर महिला को 5 लाख रुपये का चेक दिया है, जो कुल रकम का एक हिस्सा है। महिला की तरफ से जमानत का विरोध न किए जाने के बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया।
किन धाराओं के तहत दर्ज था केस?
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसमें धोखाधड़ी, चोट पहुँचाने और आपराधिक धमकी देने जैसे आरोप शामिल थे। मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को होगी, जिसमें आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी को जमानत मिलने की मुख्य वजह क्या थी?
आरोपी और शिकायतकर्ता महिला के बीच एक आपसी समझौता हुआ था। आरोपी ने समझौते के हिस्से के रूप में 5 लाख रुपये का चेक दिया और महिला ने जमानत पर अपनी सहमति जताई।
कोर्ट ने आरोपी के लिए क्या पाबंदियां लगाई हैं?
आरोपी को 50,000 रुपये का बॉन्ड भरना होगा और उसे हर हफ्ते मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बीच रिपोर्ट करना होगा।