Maharashtra: मुंबई के मालाड इलाके में आने वाले मानसून को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष (Disaster Control Room) शुरू किया गया है। 8 जून 2026 को बीजेपी नगरसेवक Tejinder Singh Tiwana न
Maharashtra: मुंबई के मालाड इलाके में आने वाले मानसून को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष (Disaster Control Room) शुरू किया गया है। 8 जून 2026 को बीजेपी नगरसेवक Tejinder Singh Tiwana ने इसका उद्घाटन किया। यह कंट्रोल रूम मालाड लिंक रोड मेट्रो स्टेशन के नीचे महाराणा प्रताप गार्डन के पास बनाया गया है ताकि बारिश के दौरान लोगों को तुरंत मदद मिल सके।
इस कंट्रोल रूम का मुख्य काम क्या होगा
इस केंद्र का मकसद बारिश के दौरान होने वाली समस्याओं जैसे सड़कों पर पानी भरना, ट्रैफिक जाम, पेड़ों का गिरना और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं पर नजर रखना है। नगरसेवक तिवाना ने बताया कि 2021 में राम नगर बस्ती में आई बाढ़ के दौरान उन्हें अहसास हुआ कि कई बार सरकारी मदद समय पर नहीं पहुँच पाती, इसलिए उन्होंने इस पहल की शुरुआत की। यह कंट्रोल रूम BMC, फायर ब्रिगेड, पुलिस, बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल बिठाकर काम करेगा।
कैसे होगी निगरानी और कौन करेगा काम
निगरानी के लिए वार्ड नंबर 47 के 6 ऐसे इलाकों में वाई-फाई कैमरे लगाए गए हैं जहाँ अक्सर पानी भरता है। इन कैमरों की मदद से रिअल-टाइम मॉनिटरिंग होगी और घटना की खबर मिलते ही टीम मौके पर पहुँचेगी। इस कंट्रोल रूम के लिए BMC से मंडप लगाने की अनुमति ली गई है और यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन नगरसेवक खुद दे रहे हैं।
मुंबई में मानसून की क्या स्थिति है
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 8 से 11 जून के बीच मुंबई में मानसून के आने की संभावना है। दक्षिण कोंकण में मानसून सक्रिय हो चुका है और रत्नागिरी व सिंधुदुर्ग के कुछ हिस्सों में 9 जून तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा MMRDA ने मेट्रो कॉरिडोर के लिए 25 मई से 15 अक्टूबर तक और MSRDC ने 1 जून से 30 सितंबर तक अपने अलग कंट्रोल रूम चालू किए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मालाड का आपदा नियंत्रण कक्ष कहाँ स्थित है?
यह कंट्रोल रूम मालाड (पश्चिम) में महाराणा प्रताप गार्डन के पास, मालाड लिंक रोड मेट्रो स्टेशन के नीचे बनाया गया है।
इस कंट्रोल रूम में निगरानी के लिए क्या सुविधा है?
वार्ड नंबर 47 के 6 पूरप्रवण (flood-prone) इलाकों में वाई-फाई सक्षम सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।