Maharashtra: मुंबई और पूरे राज्य में बुधवार को दवा दुकानों की बड़ी हड़ताल रही। ऑनलाइन मेडिसिन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर मुंबई में करीब 20,000 और रा
Maharashtra: मुंबई और पूरे राज्य में बुधवार को दवा दुकानों की बड़ी हड़ताल रही। ऑनलाइन मेडिसिन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर मुंबई में करीब 20,000 और राज्यभर में एक लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहे। इस वजह से कई मरीजों को दवाएं लेने में परेशानी हुई।
हड़ताल क्यों हुई और क्या है मुख्य मांग
यह विरोध प्रदर्शन ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ किया गया। AIOCD का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना सही जांच के प्रिस्क्रिप्शन दवाएं बेच रहे हैं और भारी डिस्काउंट दे रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि AI के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाकर एंटीबायोटिक्स बेचे जा रहे हैं। संगठन ने सरकार से GSR 220(E) और GSR 817(E) नोटिफिकेशन वापस लेने की मांग की है।
मरीजों के लिए क्या इंतजाम किए गए
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले ही तैयारी की थी। मुंबई में इमरजेंसी के लिए करीब 200 मेडिकल शॉप खुली रखी गईं। इसके अलावा अस्पताल से जुड़ी फार्मेसी, 24 घंटे चलने वाले स्टोर और जन औषधि केंद्र चालू रहे। FDA ने जनता की मदद के लिए मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया और हेल्पलाइन नंबर 9890293253 जारी किया।
अधिकारियों ने क्या कहा
CDSCO वेस्ट जोन, मुंबई के प्रमुख डॉ. संतोष इंद्राक्ष ने कहा कि इस हड़ताल से दवाओं की सप्लाई में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आएगी और मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, पुणे में AIOCD के सदस्यों ने विरोध मार्च निकाला और चेतावनी दी कि अगर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्यादातर दुकानें बुधवार शाम तक दोबारा खुल गई थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दवा दुकानों की हड़ताल किस तारीख को हुई थी
यह हड़ताल बुधवार, 20 मई 2026 को हुई थी, जिसमें मुंबई और महाराष्ट्र के लाखों मेडिकल स्टोर बंद रहे।
इमरजेंसी में दवाएं कहां से मिल सकती थीं
मरीज अस्पताल से जुड़ी फार्मेसी, 24×7 मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और मुंबई में खुली रखी गई 200 इमरजेंसी दुकानों से दवाएं ले सकते थे।