Mumbai समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में Red Alert, भारी बारिश से बाढ़ का खतरा और यातायात ठप

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में फ्लैश-फ्लड यानी

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में फ्लैश-फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है, जिससे लोग काफी परेशान हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार, 7 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक भारी से अत्यंत भारी बारिश और 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई जरूरी कदम उठाए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने निजी दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। बीएमसी (BMC) ने लोगों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क करें। भारी बारिश के कारण मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं टाल दी हैं और महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही भी स्थगित रही।

बारिश का असर यातायात और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर बाढ़ और भूस्खलन की वजह से गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है। रेलवे सेवाओं में भी बड़ी दिक्कतें आई हैं।

सेवा/क्षेत्र प्रभाव
मुंबई-पुणे ट्रेन भूस्खलन के कारण 6 जुलाई को सेवाएं रद्द
लोकल ट्रेन वसई रोड और विरार के बीच जलजमाव से देरी
हवाई अड्डा तेज हवाओं के कारण कुछ फ्लाइट्स रद्द और डायवर्ट
स्कूल-कॉलेज मुंबई, पुणे, ठाणे, पालघर और नवी मुंबई में बंद

इस प्राकृतिक आपदा के बीच कई दुखद खबरें भी सामने आई हैं। मानखुर्द में एक चार मंजिला इमारत गिरने से पांच बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा पेड़ गिरने और डूबने जैसी घटनाओं में भी कई लोगों की जान गई है। ठाणे के भिवंडी में एक किशोर की नदी में डूबने से मौत हो गई, जबकि सतारा में भी बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में एक व्यक्ति की जान गई और चार घायल हुए। पुणे के मावल तालुका में भूस्खलन के बाद NDRF की 30 सदस्यीय टीम को बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है।