Maharashtra: मुंबई के ठाणे में दामिनी अरोड़ा और कुणाल केसवानी की शादी हुई, जिसने यह बताया कि भव्य आयोजन और पर्यावरण की देखभाल एक साथ हो सकती है। इस शादी में ऐसी छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दिया गया जिससे कचरा कम हो और संसाध
Maharashtra: मुंबई के ठाणे में दामिनी अरोड़ा और कुणाल केसवानी की शादी हुई, जिसने यह बताया कि भव्य आयोजन और पर्यावरण की देखभाल एक साथ हो सकती है। इस शादी में ऐसी छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दिया गया जिससे कचरा कम हो और संसाधनों का सही इस्तेमाल हो सके। यह आयोजन आधुनिक भारतीय शादियों के लिए एक नया नजरिया लेकर आया है।
शादी में पर्यावरण बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए
दामिनी अरोड़ा ने बताया कि उनके लिए कम कचरा पैदा करना पूर्णता के बारे में नहीं बल्कि सही नीयत के बारे में है। उन्होंने किराए के कपड़ों का इस्तेमाल किया ताकि नए कपड़े बनाने में होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। खाने की बर्बादी कम करके पानी की भारी बचत की गई और प्लास्टिक की बोतलों की जगह दोबारा इस्तेमाल होने वाले सिस्टम अपनाए गए।
पर्यावरण पर कितना सकारात्मक असर पड़ा
दामिनी अरोड़ा ने इस शादी के प्रभाव का एक अनुमान साझा किया है, जिससे पता चलता है कि छोटे बदलाव कितना बड़ा अंतर लाते हैं।
| विवरण |
बचत का अनुमान |
| कपड़ों का उत्पादन |
10 से 12 किलो टेक्सटाइल |
| पानी की बचत |
80,000 से 1,00,000 लीटर |
| प्लास्टिक बोतलें |
1,000 से 1,200 बोतलें |
| प्लास्टिक कचरा |
20 किलो से ज्यादा |
वेन्यू और कपल की सोच
यह शादी ठाणे के एक ऐसे वेन्यू पर हुई जहां पहले से ही सस्टेनेबल सिस्टम मौजूद थे। वहां करीब 60% बिजली सोलर पावर से आती है और गीले कचरे से खाद बनाई जाती है। दामिनी एक कम्युनिकेशंस एजेंसी Meraki Digital चलाती हैं, जबकि कुणाल हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर हैं। कुणाल ने बताया कि दामिनी के प्रभाव की वजह से अब वह चीजों की खपत को अलग नजरिए से देखने लगे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दामिनी और कुणाल की शादी में कचरा कम करने के लिए क्या किया गया
शादी में किराए के कपड़ों का उपयोग किया गया, खाने की बर्बादी रोकी गई और प्लास्टिक की बोतलों की जगह रीयूजेबल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
ठाणे के वेडिंग वेन्यू की क्या खासियत थी
वेन्यू की 60% बिजली सोलर पावर से आती थी और वहां पेड़ लगाने, पानी बचाने और गीले कचरे से कंपोस्ट बनाने की व्यवस्था थी।