Mumbai Local में जान जोखिम में डाल रही हैं महिलाएं, वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता; रेलवे ने बढ़ाए कोच

Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो सामने आया जिसमें दिवा-CSMT लोकल ट्रेन के दरवाजे पर लटकी एक महिला की साड़ी पुल के खंभे से छूती हु

Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो सामने आया जिसमें दिवा-CSMT लोकल ट्रेन के दरवाजे पर लटकी एक महिला की साड़ी पुल के खंभे से छूती हुई दिखी। यह घटना दिवा-मुंब्रा कर्व के पास हुई, जिससे सोशल मीडिया पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। गनीमत रही कि महिला को कोई चोट नहीं आई।

इस घटना के बाद सेंट्रल रेलवे ने भीड़ कम करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। 20 जुलाई 2026 से 10 लोकल ट्रेनों की क्षमता 12 कोच से बढ़ाकर 15 कोच कर दी गई है। इससे यात्रियों की क्षमता में 25% की बढ़ोतरी होगी। रेलवे ने यह भी बताया कि महिलाओं के डिब्बों में 100% CCTV कैमरे और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम लगाए जा चुके हैं, हालांकि जनरल डिब्बों में अभी यह काम बाकी है।

सुरक्षा और नियमों को लेकर रेलवे और सरकार ने अब सख्ती बढ़ा दी है। जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत 1 जुलाई से नए जुर्माने लागू हुए हैं।

नियम/उल्लंघन नया जुर्माना
बिना टिकट यात्रा 500 रुपये
फुटबोर्ड या छत पर खतरनाक यात्रा 2,000 रुपये तक

दूसरी तरफ, यात्री अधिकारों के लिए लड़ने वाली लता अरघड़े ने कहा कि भीड़ इतनी ज्यादा है कि महिलाओं के पास या तो जान जोखिम में डालने या अपनी नौकरी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। आंकड़े बताते हैं कि केवल ठाणे-दिवा सेक्शन में 2026 में 180 लोग ट्रेन से गिरे, जिनमें से 66 की मौत हो गई। पूरे मुंबई Suburban नेटवर्क पर रोजाना औसतन 5 से 7 लोगों की जान जाती है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी 18 जुलाई को रेलवे को भीड़ कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि गाइडलाइंस होने के बावजूद उन्हें ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है। वहीं, सेंट्रल रेलवे ने एक फर्जी सर्कुलर के खिलाफ चेतावनी जारी की है जिसमें दावा किया गया था कि 15 कोच वाली ट्रेनें दिवा, डोंबिवली और कल्याण स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी। रेलवे ने कहा कि यात्री केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।