Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर को सुरक्षित बनाने के लिए सेंट्रल रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने रविवार, 10 मई 2026 को अपने जीपीएस आधारित सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम (SILAS)
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर को सुरक्षित बनाने के लिए सेंट्रल रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने रविवार, 10 मई 2026 को अपने जीपीएस आधारित सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम (SILAS) को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया है। इस नए सिस्टम से अब लोकल ट्रेन चलाने वाले मोटरमैन को सिग्नल की सटीक जानकारी पहले ही मिल जाएगी, जिससे मानवीय चूक और हादसों का खतरा कम होगा।
कैसे काम करेगा यह नया हाई-टेक SILAS सिस्टम?
यह अपग्रेड किया गया सिस्टम अब मोटरमैन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट की तरह काम करेगा। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला के अनुसार, मुंबई का सिग्नल नेटवर्क काफी जटिल है और सिग्नल बहुत कम दूरी पर होते हैं, जिससे मोटरमैन पर काफी दबाव रहता है। इस सिस्टम की मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं:
- सिग्नल आने से 350 मीटर और 250 मीटर पहले ही मोटरमैन को आवाज के जरिए अलर्ट मिलेगा।
- अगर ट्रेन पीले सिग्नल से गुजरती है, तो सिस्टम बार-बार चेतावनी देगा कि ‘सावधान, अगला सिग्नल लाल है’।
- यह चेतावनी तब तक जारी रहेगी जब तक ट्रेन हरे या डबल पीले सिग्नल तक नहीं पहुंच जाती।
- सिस्टम में सभी रूटों के जीपीएस को-ऑर्डिनेट्स और सिग्नल की लोकेशन पहले से दर्ज है।
मुसाफिरों और मोटरमैन को क्या होगा फायदा?
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस सिस्टम से ‘जीरो SPAD’ (सिग्नल पास एट डेंजर) के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी। यानी कोई भी ट्रेन गलती से लाल सिग्नल को पार नहीं करेगी। इसके साथ ही रेलवे एक और नए फीचर का ट्रायल कर रही है जिसमें स्टेशन आने से 500 मीटर पहले ही ट्रेन रुकने की सूचना मिल जाएगी। इससे स्टेशन छूटने जैसी घटनाएं नहीं होंगी।
यह सिस्टम न केवल सिग्नल की जानकारी देगा, बल्कि ट्रेन की रफ्तार पर भी नजर रखेगा। प्लेटफॉर्म पर एंट्री, स्पीड लिमिट और न्यूट्रल सेक्शन जैसे पॉइंट्स पर मोटरमैन की ड्राइविंग का डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे रेलवे को यह समझने में आसानी होगी कि सुरक्षा को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। फिलहाल यह अपग्रेड मुंबई की सभी लोकल ट्रेनों में लागू कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SILAS सिस्टम का मुख्य काम क्या है?
यह जीपीएस आधारित सिस्टम है जो मोटरमैन को सिग्नल आने से पहले ही ऑडियो अलर्ट देता है ताकि ट्रेन सुरक्षित तरीके से सिग्नल के हिसाब से चलाई जा सके।
क्या इससे लोकल ट्रेनों के स्टेशन छूटने की समस्या खत्म होगी?
हां, रेलवे अब एक नए फीचर का ट्रायल कर रहा है जो स्टेशन आने से 500 मीटर पहले मोटरमैन को अलर्ट देगा, जिससे स्टेशन मिस होने की घटनाएं कम होंगी।