Maharashtra: मुंबई लोकल में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। शहर में पहली बार ऐसी नॉन-एसी ट्रेन आई है जिसमें ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजे लगे हैं। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और भीड़ की वजह से होने वाली मौतो
Maharashtra: मुंबई लोकल में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। शहर में पहली बार ऐसी नॉन-एसी ट्रेन आई है जिसमें ऑटोमैटिक बंद होने वाले दरवाजे लगे हैं। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और भीड़ की वजह से होने वाली मौतों को रोकने के लिए उठाया गया है। यह 12 कोच वाली ट्रेन सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को कुर्ला कार शेड पहुंची है।
नई ट्रेन में क्या खास सुविधाएं हैं और यह कैसे काम करेगी?
यह ट्रेन चेन्नई के Integral Coach Factory (ICF) ने बनाई है। इसमें मेट्रो की तरह ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगे हैं, जो स्टेशन पर रुकने पर खुलेंगे और ट्रेन चलने से पहले अपने आप बंद हो जाएंगे। नॉन-एसी होने के कारण हवा के लिए इसमें खास इंतजाम किए गए हैं:
- हवा के लिए स्लैटेड (Louvred) दरवाजे और छत पर वेंटिलेटर लगाए गए हैं।
- हर कोच में दो हाई-कैपेसिटी ब्लोअर हैं जो ताजी हवा पहुंचाएंगे।
- खिड़कियों का साइज बढ़ाकर 1,900 mm किया गया है।
- कोच के बीच में वेस्टिबुल कनेक्शन है ताकि यात्री एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जा सकें।
- लेगरूम और सामान रखने की जगह को पहले से बड़ा किया गया है।
यह बदलाव क्यों किया गया और कब से शुरू होगी सेवा?
9 जून 2025 को मुंब्रा के पास एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें भीड़ की वजह से ट्रेन से गिरने के कारण पांच यात्रियों की जान चली गई थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए बंद दरवाजों वाली ट्रेनें लाने का फैसला किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सितंबर 2025 में ऐलान किया था कि भविष्य की सभी लोकल ट्रेनों में यह सिस्टम होगा। फिलहाल यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। ट्रेन के तकनीकी ट्रायल में करीब तीन महीने का समय लगेगा, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए शुरू किया जाएगा।
क्या इससे ट्रेन की टाइमिंग पर असर पड़ेगा?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दरवाजे खुलने और बंद होने में समय लगेगा, जिससे स्टेशन पर रुकने का समय (Dwell time) बढ़ सकता है। इससे ट्रेन की समयबद्धता पर थोड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही, पीक ऑवर्स में जब एक स्क्वायर मीटर में 15 लोग होते हैं, तब इस सिस्टम को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, इस प्रोटोटाइप को मोटोमैन या ट्रेन मैनेजर द्वारा ऑपरेट किया जा सकेगा।