Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर करने वालों और ट्रेन चलाने वाले Motormen के लिए एक बड़ी खबर है। Central Railway ने अपने Signal Location Announcement System (SILAS) को आधुनिक बना दिया है। इस GPS आधारित सिस्टम का
Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर करने वालों और ट्रेन चलाने वाले Motormen के लिए एक बड़ी खबर है। Central Railway ने अपने Signal Location Announcement System (SILAS) को आधुनिक बना दिया है। इस GPS आधारित सिस्टम का मकसद सिग्नल की गलतियों को रोकना और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाना है। यह तकनीक Motormen के लिए एक डिजिटल मददगार की तरह काम करेगी।
SILAS सिस्टम कैसे काम करेगा और क्या हैं इसके फायदे
यह नया सिस्टम एक इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट की तरह काम करता है। इसमें पहले से ही GPS कोऑर्डिनेट्स और रूट की जानकारी फीड की गई है। जब ट्रेन किसी सिग्नल के पास पहुँचती है, तो यह सिस्टम ऑडियो अलर्ट के जरिए ड्राइवर को सचेत करता है। इससे Motormen को सिग्नल पहचानने में आसानी होगी और मानसिक तनाव कम होगा।
- सिग्नल आने से 350 मीटर और 250 मीटर पहले चेतावनी अलर्ट मिलेगा।
- अगर सिग्नल पीला (Yellow) है, तो सिस्टम बार-बार बोलेगा- “Be careful, next signal is Red”।
- सिग्नल की सटीक लोकेशन बताई जाएगी कि वह ट्रैक के बाईं ओर है या दाईं ओर।
- अगले दो महीनों में सभी लोकल ट्रेनों में इसे लगाने का लक्ष्य है।
ड्राइविंग व्यवहार की निगरानी और अन्य नई सुविधाएं
Central Railway अब इस सिस्टम के जरिए Motormen के ड्राइविंग तरीके पर भी नजर रखेगा। सिस्टम यह रिकॉर्ड करेगा कि पीला सिग्नल, प्लेटफॉर्म एंट्री या स्पीड लिमिट वाले जोन में ट्रेन की रफ्तार क्या थी। इस डेटा का इस्तेमाल बाद में ट्रेनिंग और काउंसलिंग के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, ट्रेनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग और स्पीड मॉनिटरिंग भी संभव होगी।
| सुविधा |
विवरण |
| स्टेशन अलर्ट |
स्टेशन आने से 500m और 250m पहले अनाउंसमेंट (ट्रायल जारी) |
| Zero SPAD लक्ष्य |
सिग्नल पार करने वाली गलतियों (Signal Passed at Danger) को शून्य करना |
| ऑपरेशनल लोड |
रोजाना 2,300 से ज्यादा लोकल सेवाओं का सुरक्षित संचालन |
Frequently Asked Questions (FAQs)
SILAS सिस्टम से मुंबई लोकल में क्या बदलाव आएगा
इस सिस्टम से Motormen को सिग्नल की सटीक लोकेशन और रंग का ऑडियो अलर्ट मिलेगा, जिससे सिग्नल मिस होने का खतरा कम होगा और ट्रेन सुरक्षा बढ़ेगी।
क्या यह सिस्टम सभी ट्रेनों में लग चुका है
Central Railway ने इसका ट्रायल पूरा कर लिया है और अगले दो महीनों के भीतर इसे नेटवर्क की सभी लोकल ट्रेनों में इंस्टॉल करने की योजना है।