Mumbai में मानसून की देरी के बाद हल्की बारिश से मिली राहत, IMD ने जताया जल्द दस्तक का अनुमान
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए रविवार की सुबह राहत भरी रही। लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बाद शहर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मानसून की देरी से लोग परेशान थे, लेकिन अब मौसम के मिजाज में बदला
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए रविवार की सुबह राहत भरी रही। लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बाद शहर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मानसून की देरी से लोग परेशान थे, लेकिन अब मौसम के मिजाज में बदलाव आया है।
रविवार सुबह 6 से 8 बजे के बीच मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। घाटकोपर के रामाबाई म्युनिसिपल स्कूल में 24 मिमी, वर्ली सीफेस और सावित्रीबाई फुले म्युनिसिपल स्कूल में 25 मिमी, चेंबूर फायर स्टेशन पर 20 मिमी और मानखुर्द में 16 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा प्रभादेवी, भायखला, अंधेरी, जोगेश्वरी, भांडुप और मुलुंड जैसे इलाकों में भी बारिश देखी गई।
India Meteorological Department (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी होने की वजह से मुंबई में इसकी एंट्री में देरी हुई। आमतौर पर मानसून 10-11 जून तक आ जाता है, लेकिन इस बार यह करीब दो हफ्ते लेट है। IMD ने बताया कि अरब सागर से मजबूत हवाएं न चलने के कारण मानसून की प्रगति रुक गई थी।
आने वाले दिनों के लिए IMD ने मुंबई और कोंकण क्षेत्र में येलो अलर्ट जारी किया है। 22 और 23 जून को गरज-चमक के साथ बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र के और अधिक हिस्सों के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ेगा।
मुंबई में मानसून की आधिकारिक शुरुआत 25 जून के आसपास होने की उम्मीद है। 25 और 26 जून के बीच बारिश की तीव्रता काफी बढ़ सकती है। इस देरी का असर शहर की पानी की सप्लाई पर भी पड़ा है, क्योंकि Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अनुसार झीलों का जलस्तर काफी कम (करीब 9-10%) रह गया था, जिसके लिए BMC अब वैकल्पिक इंतजाम कर रही है।
समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। 21 से 23 जून तक दक्षिण महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर और 23 से 24 जून तक उत्तर महाराष्ट्र के तटों पर न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि वहां 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।