Maharashtra: मुंबई के एक Lenskart स्टोर में सोमवार को भारी हंगामा हुआ। BJP Minority Front की नेता Nazia Ilahi Khan ने स्टोर के कर्मचारियों और मैनेजर Mohsin Khan से तीखी बहस की। आरोप है कि कंपनी ने हिंदू कर्मचारियों के लि
Maharashtra: मुंबई के एक Lenskart स्टोर में सोमवार को भारी हंगामा हुआ। BJP Minority Front की नेता Nazia Ilahi Khan ने स्टोर के कर्मचारियों और मैनेजर Mohsin Khan से तीखी बहस की। आरोप है कि कंपनी ने हिंदू कर्मचारियों के लिए धार्मिक प्रतीकों को पहनने पर रोक लगाई थी, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने ‘Boycott Lenskart’ अभियान शुरू कर दिया।
Lenskart स्टोर में असल में क्या हुआ
20 अप्रैल 2026 को Nazia Ilahi Khan अपने समर्थकों के साथ मुंबई के एक Lenskart स्टोर पहुंचीं। उन्होंने वहां के मैनेजर से कंपनी की इंटरनल गाइडलाइन्स के बारे में सवाल पूछे और आरोप लगाया कि कंपनी धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ है। इस दौरान नाज़िया और उनके समर्थकों ने स्टोर के हिंदू कर्मचारियों को केसरिया तिलक लगाया और धार्मिक नारे लगाए। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया है।
कंपनी ने क्या सफाई दी और क्या हैं नए नियम
इस विवाद के बाद Lenskart ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। कंपनी के फाउंडर और CEO Peyush Bansal ने बताया कि जिस डॉक्यूमेंट की चर्चा हो रही है वह पुराना था और फरवरी 2026 में ही उसे हटा दिया गया था। कंपनी ने अब एक नया ‘In-Store Style Guide’ जारी किया है, जिसमें सभी धर्मों के प्रतीकों को अनुमति दी गई है।
- बिंदी, तिलक और सिंदूर: पहनने की पूरी आजादी है।
- कलावा, मंगलसूत्र और कड़ा: इन सभी प्रतीकों का स्वागत है।
- हिजाब और पगड़ी: टीम के सदस्य इन्हें पहन सकते हैं।
आगे की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
Nazia Ilahi Khan ने कंपनी के मालिक की गिरफ्तारी और चरमपंथी संगठनों से संबंधों की जांच की मांग की है, हालांकि अभी तक इस दावे का कोई सबूत सामने नहीं आया है। Lenskart ने X (ट्विटर) पर कहा कि अगर किसी भी कर्मचारी को उनकी आस्था के कारण बुरा महसूस हुआ है, तो कंपनी इसके लिए खेद व्यक्त करती है। फिलहाल स्टोर में हुए इस टकराव के बाद कंपनी की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है।