Maharashtra: मुंबई की एक जानी-मानी लॉ फर्म ने अपने एक सीनियर पार्टनर को नौकरी से निकाल दिया है। इस वकील पर अपनी ही 6 साल की मासूम बेटी के साथ यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब बच्ची के व्यवहार
Maharashtra: मुंबई की एक जानी-मानी लॉ फर्म ने अपने एक सीनियर पार्टनर को नौकरी से निकाल दिया है। इस वकील पर अपनी ही 6 साल की मासूम बेटी के साथ यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब बच्ची के व्यवहार में बदलाव देखकर स्कूल काउंसलर ने इशारा किया, जिसके बाद उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
क्या है पूरा मामला और कब हुई FIR दर्ज
यह घटना नवंबर और दिसंबर 2025 के आसपास सामने आई थी। बच्ची की मां, जो एक मशहूर लेखिका हैं, ने 2 फरवरी 2026 को POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया। आरोप है कि आरोपी पिता ने अपनी बेटी का बार-बार यौन शोषण किया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 मई 2026 को लॉ फर्म ने आरोपी पार्टनर को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत और मां के आरोप
मुंबई की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 16 मार्च 2026 को आरोपी वकील को अग्रिम जमानत दे दी थी। कोर्ट का मानना था कि पुलिस बिना गिरफ्तारी के भी जांच पूरी कर सकती है। वहीं, बच्ची की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने शुरू में उनकी बात नहीं सुनी और नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) के दखल के बाद ही FIR दर्ज हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने सबूत मिटाने के मौके दिए और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समय पर जब्त नहीं किए।
पुलिस का क्या कहना है और अब आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि NCW से मामला मिलते ही तुरंत सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया और चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। अब इस मामले में अग्रिम जमानत के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की गई है, जिस पर जल्द सुनवाई होनी है। कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता या गवाहों से संपर्क न करे और बिना अनुमति के भारत न छोड़े।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी वकील को कोर्ट ने जमानत क्यों दी?
स्पेशल POCSO कोर्ट ने यह मानते हुए अग्रिम जमानत दी कि पुलिस के पास जांच के पर्याप्त मौके थे और उन्हें आरोपी की कस्टडी की जरूरत नहीं थी।
बच्ची की मां ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
मां का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में FIR दर्ज करने में आनाकानी की और NCW के हस्तक्षेप के बाद ही कार्रवाई हुई, जिससे आरोपी को जमानत लेने का समय मिल गया।