Maharashtra : मुंबई के मीरा रोड के एक मकान मालिक अंकित पांडे ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने बताया कि किराएदार के साथ बिजली बिल के ₹7,000 के विवाद के बाद उन्हें महसूस हुआ कि रेंट इनकम कोई ‘पैसिव
Maharashtra : मुंबई के मीरा रोड के एक मकान मालिक अंकित पांडे ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने बताया कि किराएदार के साथ बिजली बिल के ₹7,000 के विवाद के बाद उन्हें महसूस हुआ कि रेंट इनकम कोई ‘पैसिव इनकम’ नहीं बल्कि एक ‘फुल टाइम स्ट्रेस जॉब’ है। उनकी इस पोस्ट के बाद अब मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य मकान मालिकों के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या प्रॉपर्टी किराए पर देना वाकई फायदेमंद है।
किरायेदारों के साथ विवाद और निवेश के नए विकल्प
अंकित पांडे का मानना है कि प्रॉपर्टी मैनेजमेंट का तनाव झेलने से बेहतर है कि लोग फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट की तरफ जाएं। उन्होंने Systematic Withdrawal Plans (SWPs) और इंडेक्स फंड्स जैसे विकल्पों को बेहतर बताया क्योंकि इनमें मकान मालिक जैसी सिरदर्दी नहीं होती। वहीं FindocInvestmart Pvt Ltd के एमडी हेमंत सूद ने बताया कि रियल एस्टेट से कमाई के लिए मकान खरीदना जरूरी नहीं है, लोग REITs के जरिए भी बिना मैनेजमेंट की झंझट के कमाई कर सकते हैं।
महाराष्ट्र के नए रेंट नियम 2025 और सरकारी कदम
महाराष्ट्र सरकार ने किराएदारों और मकान मालिकों के बीच विवाद कम करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी इन नियमों में डिजिटल स्टैम्पिंग और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रेंट विवादों के जल्द निपटारे के लिए 100 स्पेशल कोर्ट बनाने और एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
| नियम/सुविधा |
विवरण |
| सिक्योरिटी डिपॉजिट |
अधिकतम 2 महीने का किराया |
| किराया भुगतान |
₹5,000 से ऊपर डिजिटल माध्यम से अनिवार्य |
| किराया वृद्धि |
हर 12 महीने में एक बार (90 दिन का नोटिस जरूरी) |
| प्रॉपर्टी एंट्री |
मकान मालिक को 24 घंटे पहले लिखित नोटिस देना होगा |
| रजिस्ट्रेशन |
60 दिनों के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र में नए रेंट नियमों के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट की लिमिट क्या है?
नए नियमों के अनुसार, अब रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट अधिकतम दो महीने के किराए तक ही सीमित रखा जा सकता है।
किराया विवादों को सुलझाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री ने रेंट विवादों के लिए 100 स्पेशल कोर्ट बनाने और एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि विवादों का निपटारा जल्दी हो सके।