Maharashtra: मुंबई के लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। कुर्ला और परेल के बीच लंबे समय से अटकी 5वीं और 6वीं रेल लाइन का प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ने वाला है। इस काम में सबसे बड़ी रुकावट जमीन को लेकर थी, जिसे अब
Maharashtra: मुंबई के लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। कुर्ला और परेल के बीच लंबे समय से अटकी 5वीं और 6वीं रेल लाइन का प्रोजेक्ट अब रफ्तार पकड़ने वाला है। इस काम में सबसे बड़ी रुकावट जमीन को लेकर थी, जिसे अब सुलझा लिया गया है। इससे आने वाले समय में लोकल ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और भीड़ कम होगी।
प्रोजेक्ट में अब तक क्या हुआ और आगे क्या होगा?
इस प्रोजेक्ट के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा 714 प्रभावित परिवारों का पुनर्वास था, जिसे MMRDA ने पूरा कर लिया है। अब चुनाभट्टी-कुर्ला और धारावी इलाके में स्वदेशी मिल के पास मौजूद अवैध ढांचों को हटाने का काम शुरू हो गया है, जो एक महीने में पूरा हो जाएगा। सेंट्रल रेलवे ने इसके लिए मशीनरी और लेबर का इंतजाम कर लिया है और सुरक्षा के लिए RPF, GRP और मुंबई पुलिस से मदद मांगी है।
आम यात्रियों को इससे क्या फायदा होगा?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद लोकल ट्रेनों और लंबी दूरी की ट्रेनों के रास्तों को अलग करना है। अभी एक ही ट्रैक पर दोनों तरह की ट्रेनें चलती हैं जिससे देरी होती है। काम पूरा होने के बाद मौजूदा तीसरी और चौथी लाइन सिर्फ लोकल ट्रेनों के लिए होगी, जबकि नई 5वीं और 6ठी लाइन का इस्तेमाल मालगाड़ियों और मेल ट्रेनों के लिए किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की जरूरी बातें और बजट
| विवरण |
जानकारी |
| कुल लंबाई (CSMT से कुर्ला) |
17.5 किमी |
| कुर्ला-परेल हिस्सा |
10 किमी |
| शुरुआती बजट |
890 करोड़ रुपये |
| मौजूदा लागत |
1,337 करोड़ रुपये |
| पूरा होने का लक्ष्य |
2027 |
| जमीन अधिग्रहण पूरा हुआ |
20 जनवरी 2026 |
परेल स्टेशन पर क्या बदलाव होंगे?
नई लाइनों और प्रस्तावित परेल टर्मिनस के लिए जगह बनाने के लिए स्टेशन पर बने मिनी गार्डन और बैठने की जगह को हटाया जा रहा है। यह सुविधाएं अमृत भारत योजना के तहत 19 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थीं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि टिकट काउंटर और पार्किंग लॉट पर इसका असर कम से कम रखने की कोशिश की जाएगी।