Mumbai के Kurla में लैंडस्लाइड से 8 की मौत, 2018 की चेतावनी को BMC ने किया नजरअंदाज
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के कुर्ला इलाके में बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा हुआ जहाँ पहाड़ी धंसने से 8 लोगों की जान चली गई। यह हादसा अशोक नगर के चिराग नगर स्थित गौशिया चॉल (गरीब नवाब चॉल) में हुआ। भारी बारिश की वजह से एक पी
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के कुर्ला इलाके में बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा हुआ जहाँ पहाड़ी धंसने से 8 लोगों की जान चली गई। यह हादसा अशोक नगर के चिराग नगर स्थित गौशिया चॉल (गरीब नवाब चॉल) में हुआ। भारी बारिश की वजह से एक पीपल का पेड़ उखड़ा और उसके साथ ही भारी चट्टानें नीचे बसी झुग्गियों पर गिर गईं। इस हादसे में 7 लोग घायल हुए हैं।
इस घटना की सबसे गंभीर बात यह है कि Geological Survey of India (GSI) ने 2018 में ही BMC को एक विस्तृत रिपोर्ट दी थी। 435 पन्नों की इस रिपोर्ट में साकी नाका, कुर्ला की पहाड़ी नंबर 3 पर लैंडस्लाइड के बड़े खतरे के बारे में बताया गया था। GSI ने साफ कहा था कि यहाँ तुरंत ध्यान देने की जरूरत है और सुरक्षा के लिए दीवारें और ड्रेनेज सिस्टम बनाने की सलाह दी थी, लेकिन BMC ने इनमें से कोई भी काम नहीं किया।
NDRF ने गुरुवार तक सर्च ऑपरेशन चलाकर 8 शवों को बाहर निकाला। मरने वालों में दो छोटे बच्चे (2 और 4 साल), एक 14 साल का लड़का, एक 19 साल का युवक और एक परिवार के चार सदस्य शामिल हैं जो हाल ही में मुंबई आए थे। NDRF के मुताबिक तंग रास्तों और अस्थिर जमीन की वजह से भारी मशीनों का इस्तेमाल करना मुश्किल था।
BMC का कहना है कि उन्होंने मानसून से पहले करीब 160 नोटिस जारी कर लोगों को वहाँ से हटने की सलाह दी थी, लेकिन जमीन कलेक्टर ऑफिस की होने के कारण वे लोगों को जबरन नहीं हटा सके। वहीं मुंबई मेयर रितु तावड़े ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने इस मामले में BMC की लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में सुरक्षा ऑडिट और दीवारें बनाने की मांग की गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।