Maharashtra: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने KEM Hospital के स्टाफ के साथ मारपीट करने वाले चार लोगों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह घटना पिछले महीने हुई थी जब एक मरीज की मौत के बाद उसके रिश्तेदारों ने अस्पताल की नर्
Maharashtra: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने KEM Hospital के स्टाफ के साथ मारपीट करने वाले चार लोगों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह घटना पिछले महीने हुई थी जब एक मरीज की मौत के बाद उसके रिश्तेदारों ने अस्पताल की नर्स और सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था। कोर्ट ने साफ कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत ने जमानत याचिका क्यों खारिज की?
Additional Sessions Judge Y.P. Manathkar ने कहा कि अस्पताल वह जगह है जहां हजारों लोग शांति से इलाज कराने आते हैं। अगर दोषियों को हिंसा करने की छूट दी गई, तो अस्पताल की गरिमा खत्म हो जाएगी। कोर्ट ने माना कि यह कोई मामूली हमला नहीं था क्योंकि यह ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के खिलाफ था। जज ने स्पष्ट किया कि नर्स की पिटाई को हल्के में नहीं लिया जा सकता और अग्रिम जमानत पाना आरोपी का अधिकार नहीं है।
क्या था पूरा मामला और किन पर हुई कार्रवाई?
यह मामला 28 अप्रैल 2026 का है जब सांगली के 19 साल के गणेश कोलेकर की लिवर फेल्योर की वजह से मौत हो गई थी। इसके बाद उनके रिश्तेदारों—बालिराम सावंत, माणिक सावंत, गयाबाई सावंत और बाबासाहब जाधव ने नर्स तेजस्विनी पाटिल और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की। भोइवाड़ा पुलिस स्टेशन में इस मामले की FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने CCTV फुटेज और मेडिकल कागजात के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अस्पताल और डॉक्टरों की क्या प्रतिक्रिया रही?
KEM Hospital की डीन डॉ. संगीता रावत ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए BMC अधिकारियों को पत्र लिखा है। वहीं, MARD के उपाध्यक्ष डॉ. रवि सपकाल ने इस घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया है। डिप्टी मेयर संजय घाडी ने भी अस्पताल का दौरा किया और BMC कमिश्नर से स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KEM Hospital में हमला कब और क्यों हुआ था?
यह हमला 28 अप्रैल 2026 को हुआ था। सांगली के रहने वाले 19 वर्षीय मरीज गणेश कोलेकर की मौत के बाद उनके परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर हमला किया था।
कोर्ट ने इस मामले में क्या टिप्पणी की?
कोर्ट ने कहा कि अस्पताल की पवित्रता और शांति बनाए रखना जरूरी है। ड्यूटी पर तैनात नर्स और स्टाफ के साथ मारपीट को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जा सकता।