Maharashtra: मुंबई के परेल इलाके में स्थित मशहूर King Edward Memorial (KEM) Hospital का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। BMC की हेल्थ कमेटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसका कड़ा
Maharashtra: मुंबई के परेल इलाके में स्थित मशहूर King Edward Memorial (KEM) Hospital का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। BMC की हेल्थ कमेटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसका कड़ा विरोध किया है। डॉक्टरों का कहना है कि नाम बदलने के बजाय अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं को सुधारना ज्यादा जरूरी है।
KEM Hospital का नया नाम क्या होगा
मुंबई उपनगरीय जिले के संयुक्त संरक्षक मंत्री Mangal Prabhat Lodha ने औपनिवेशिक काल के नामों को हटाकर भारतीय संस्कृति और मूल्यों को दर्शाने वाले नाम रखने का सुझाव दिया था। इस प्रस्ताव के तहत KEM Hospital का नया नाम Kaushalyashreshta Eklavya Memorial Hospital रखने की बात कही गई है। हालांकि, पहचान बनाए रखने के लिए KEM शॉर्ट फॉर्म को बरकरार रखा जाएगा।
डॉक्टरों ने इस फैसले का विरोध क्यों किया
KEM MARD (महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स) ने इस कदम को निराशाजनक बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल का नाम दुनिया भर में मशहूर है और इसकी अपनी एक विरासत है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन अपना ध्यान इन समस्याओं पर लगाए:
- हॉस्टल की खराब हालत और बुनियादी ढांचे की कमी।
- लिफ्ट का बार-बार खराब होना।
- स्टाइपेंड (stipend) के भुगतान में होने वाली देरी।
- मरीजों की देखभाल और डॉक्टरों के कल्याण में सुधार।
अब आगे क्या होगी प्रक्रिया
BMC हेल्थ कमेटी के चेयरमैन Harish Bandirge ने इस प्रस्ताव को एजेंडे में रखा था, जिसे 24 अप्रैल 2026 को मंजूरी मिल गई। अब इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए म्युनिसिपल कमिश्नर की प्रशासनिक मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद इसे BMC जनरल बॉडी के पास भेजा जाएगा, जहां अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं, शिव सेना (UBT) के सदस्य Aboli Khade ने इस कदम की टाइमिंग और मंशा पर सवाल उठाए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KEM Hospital का प्रस्तावित नया नाम क्या है?
प्रस्ताव के अनुसार अस्पताल का नया नाम ‘Kaushalyashreshta Eklavya Memorial Hospital’ रखा जा सकता है, लेकिन KEM शॉर्ट फॉर्म वही रहेगा।
डॉक्टरों की मुख्य मांगें क्या हैं?
डॉक्टरों ने मांग की है कि नाम बदलने के बजाय हॉस्टल की हालत सुधारने, लिफ्ट ठीक करने और समय पर स्टाइपेंड देने पर ध्यान दिया जाए।