Mumbai के Juhu Beach का 1976 का वीडियो वायरल, पुरानी सफाई देख लोग बोले- अब सिर्फ कचरा बचा है

Maharashtra: मुंबई के जुहू बीच का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो साल 1976 का है, जिसमें समुद्र तट को बहुत साफ-सुथरा और शांत दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर मुंबई के लोग पुरानी यादों

Maharashtra: मुंबई के जुहू बीच का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो साल 1976 का है, जिसमें समुद्र तट को बहुत साफ-सुथरा और शांत दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर मुंबई के लोग पुरानी यादों में खो गए हैं, लेकिन साथ ही शहर के बढ़ते प्रदूषण और शहरीकरण पर एक बड़ी बहस भी शुरू हो गई है।

वीडियो में उस समय के जुहू बीच को बहुत व्यवस्थित दिखाया गया है और नैरेटर ने कहा था कि बॉम्बे के पास भारत के सबसे बेहतरीन बीच हैं। लेकिन आज की हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। जुलाई 2026 में सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लोग वर्तमान स्थिति को लेकर काफी नाराज दिखे। लोगों का कहना है कि अब वहां पहले जैसी शांति और सफाई नहीं रही।

प्रदूषण की बात करें तो महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जुहू बीच के पानी की गुणवत्ता चिंताजनक है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां फेकल कोलीफॉर्म का स्तर सुरक्षित सीमा से 16 गुना ज्यादा पाया गया था। इसके अलावा जर्मनी के अल्फ्रेड वेगेनर इंस्टीट्यूट (AWI) की रिसर्च में भी जुहू बीच पर माइक्रो-प्लास्टिक कचरे की भारी मात्रा मिलने की बात सामने आई थी।

वहीं शहर के विकास को लेकर भी कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में फैसला सुनाया था कि मुंबई कोस्टल रोड के लिए रिक्लैम की गई जमीन मुख्य रूप से पब्लिक ओपन स्पेस रहेगी। जून 2026 में कोर्ट ने रिलायंस से यह वचन लिया कि वाटरफ्रंट के हर जोन का कम से कम 85% हिस्सा जनता के लिए मुफ्त रहेगा और केवल 15% हिस्से में ही टिकट वाले मनोरंजन केंद्र बन सकेंगे।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 में मुंबई के ईस्टर्न वाटरफ्रंट के लिए 22,672 करोड़ रुपये के पुनर्विकास कार्यक्रम की घोषणा की। इसमें मरीना, कन्वेंशन सेंटर और क्रूज टर्मिनल बनाने की योजना है। हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञ जोरु भटनागर का मानना है कि सरकार द्वारा बीच की सफाई के दावे अक्सर चुनाव से पहले के पीआर स्टंट होते हैं।