Mumbai के JJ ब्लड बैंक में बड़ी गड़बड़ी, दो अधिकारी बर्खास्त और FIR दर्ज; अब QR कोड से होगी खून की ट्रैकिंग
Maharashtra: मुंबई के जेजे महानगर ब्लड बैंक में खून की सुरक्षा और मैनेजमेंट में भारी लापरवाही सामने आई है। इस मामले में राज्य सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए दो बड़े अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है और उनके खिलाफ पुलिस
Maharashtra: मुंबई के जेजे महानगर ब्लड बैंक में खून की सुरक्षा और मैनेजमेंट में भारी लापरवाही सामने आई है। इस मामले में राज्य सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए दो बड़े अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है और उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने का आदेश दिया है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते FDA ने ब्लड बैंक को सील कर दिया है ताकि मरीजों की जान को कोई खतरा न हो।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोरडिकर ने विधान परिषद में बताया कि ब्लड बैंक के नोडल ऑफिसर डॉ. हितेश पगारे और अधिकारी अजय भिसे को उनकी अनियमितताओं के लिए बर्खास्त किया गया है। इन दोनों पर गंभीर और अवैध लापरवाही का आरोप है, जिसके लिए FIR दर्ज होगी। जांच में यह बात सामने आई कि चिनचपोकली के एक कैंप से करीब 50 से 55 ब्लड बैग अवैध तरीके से बदलापुर के एक प्राइवेट ब्लड बैंक में भेजे गए थे। बदलापुर के इस माया ब्लड सेंटर को भी FDA ने सील कर दिया है।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि ब्लड बैंकिंग में ऐसी कमियां मरीजों की जान जोखिम में डालती हैं और इससे स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों का भरोसा कम होता है। SBTC डायरेक्टर डॉ. सुहास मोहनलकर ने साफ किया है कि जब तक ब्लड बैंक सभी नियमों का पालन नहीं करेगा, तब तक उसका लाइसेंस सस्पेंड रहेगा। साथ ही, जिन अधिकारियों ने खून की यूनिट्स को डायवर्ट किया, उनसे 55,000 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
भविष्य में ऐसी धांधली रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार अब नए नियम लागू करेगी। अब सभी ब्लड बैंकों के लिए एक Standard Operating Procedure (SOP) बनाया जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि हर ब्लड पैकेट पर QR कोड लगाया जाएगा। इससे खून के कलेक्शन से लेकर मरीज को चढ़ाने तक की पूरी जानकारी ट्रैक की जा सकेगी।
राज्य सरकार ने अब पूरे महाराष्ट्र के सभी 417 सरकारी और प्राइवेट ब्लड सेंटरों की जांच के आदेश दिए हैं। अब हर तीन महीने में निरीक्षण रिपोर्ट जमा करनी होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संस्थान के प्रमुख की होगी। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार थर्ड पार्टी ऑडिट कराने और ब्लड बैंक के लिए एक फुल-टाइम असिस्टेंट डायरेक्टर की पोस्ट बनाने पर भी विचार कर रही है।