Mumbai में जुटेगा देश का बड़ा कानूनी दिमाग, White-Collar Crime Forum में कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और AI फ्रॉड पर होगी चर्चा

Maharashtra: मुंबई के फोर सीजन्स होटल में 3 जुलाई 2026 को ‘2nd India White-Collar Crime Forum’ का आयोजन होगा। ET LegalWorld द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के बड़े कानूनी विशेषज्ञ, रिस्क लीडर्स और रेगुलेटर

Maharashtra: मुंबई के फोर सीजन्स होटल में 3 जुलाई 2026 को ‘2nd India White-Collar Crime Forum’ का आयोजन होगा। ET LegalWorld द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के बड़े कानूनी विशेषज्ञ, रिस्क लीडर्स और रेगुलेटरी अधिकारी हिस्सा लेंगे। इस फोरम का मुख्य मकसद कॉर्पोरेट धोखाधड़ी को रोकने और डिजिटल दौर में बढ़ते नए तरह के अपराधों से निपटने के तरीके खोजना है।

इस पूरे दिन चलने वाले सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट जस्टिस अभय थिपसे मुख्य भाषण देंगे। कार्यक्रम में AI और डीपफेक के जरिए होने वाले डिजिटल फ्रॉड, विदेशी देशों से जुड़े रेगुलेटरी चैलेंज और कंपनियों में धोखाधड़ी को पकड़ने के आधुनिक तरीकों पर बात होगी।

इस इवेंट के लिए एक विस्तृत शेड्यूल तैयार किया गया है जिसमें अलग-अलग सेशन शामिल हैं:

समय सेशन का विषय
09:30 AM – 09:40 AM ET LegalWorld के एडिटर द्वारा स्वागत भाषण
09:40 AM – 10:00 AM कॉर्पोरेट क्रिमिनल लायबिलिटी और बोर्डरूम रिस्क पर कीनोट
10:00 AM – 10:45 AM कॉर्पोरेट फ्रॉड की जांच और रिस्पॉन्स पर पैनल चर्चा
10:45 AM – 11:15 AM AI, डीपफेक और साइबर फ्रॉड पर स्पेशल सेशन
11:30 AM – 12:15 PM क्रॉस-बॉर्डर इन्वेस्टिगेशन और ग्लोबल सेंक्शन्स पर चर्चा
12:15 PM – 01:00 PM रेगुलेटरी जांच को मैनेज करने के सही और गलत तरीके
01:00 PM – 01:30 PM एथिक्स और रिस्क कल्चर बनाने पर लीडरशिप टॉक

इस फोरम में Capgemini, Tata Consumer Products और DBS Bank जैसे बड़े संस्थानों के अधिकारी और JSA, Kochhar & Co, MZM Legal जैसे नामी लॉ फर्म्स के पार्टनर्स शामिल होंगे।

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में सफेदपोश अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। हाल ही में 27 जून 2026 को ED ने मणिपुर में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में 13 संपत्तियां कुर्क कीं और दिल्ली-नोएडा में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की। वहीं 25 जून को CBI ने ‘ऑपरेशन चक्र-VI’ चलाकर 16 राज्यों के 80 से ज्यादा ठिकानों पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इसके अलावा, ED ने राजेश एक्सपोर्ट्स कंपनी में विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और शेयरों में हेरफेर की जांच भी शुरू की है।