Maharashtra: मुंबई के मीरा रोड और भायंदर इलाके में दवाइयों की दुकानों पर बिना डॉक्टर के पर्चे के Pregabalin बेची जा रही है। India Today की एक जांच में सामने आया है कि लोग सिर्फ मोबाइल पर दवा का नाम दिखाकर इसे आसानी से खर
Maharashtra: मुंबई के मीरा रोड और भायंदर इलाके में दवाइयों की दुकानों पर बिना डॉक्टर के पर्चे के Pregabalin बेची जा रही है। India Today की एक जांच में सामने आया है कि लोग सिर्फ मोबाइल पर दवा का नाम दिखाकर इसे आसानी से खरीद रहे हैं। यह दवा अब सख्त नियमों के दायरे में है, फिर भी कई मेडिकल स्टोर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
Pregabalin को लेकर क्या हैं नए सरकारी नियम?
Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने 21 जनवरी 2026 को नियम बदले थे। अब Pregabalin को Schedule H1 की लिस्ट में डाल दिया गया है। इसका मतलब है कि अब यह दवा केवल रजिस्टर्ड डॉक्टर के पर्चे पर ही मिल सकती है। दुकानदारों को अब मरीज का नाम, डॉक्टर का पता और दी गई दवा की मात्रा का पूरा रिकॉर्ड 3 साल तक संभाल कर रखना होगा।
दवा के गलत इस्तेमाल से क्या हो रहा है असर?
पंजाब और अन्य राज्यों के ड्रग रेगुलेटर्स ने चेतावनी दी थी कि लोग नशे के लिए इस दवा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर 150 mg और 300 mg वाली गोलियों का। हाल ही में ठाणे जिले में एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह पूरी तरह सुध-बुध खोया हुआ दिख रहा था। पुलिस ने जांच के बाद बताया कि यह हालत Pregabalin की ओवरडोज की वजह से हुई थी।
प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
ठाणे पुलिस और FDA की टीम ने उस मेडिकल स्टोर की जांच की जहां से यह दवा बिना पर्चे के खरीदी गई थी। कार्रवाई के दौरान दुकान चलाने वाला व्यक्ति मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने अब अवैध बिक्री के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
| नियम/विवरण |
पुरानी स्थिति (Schedule H) |
नई स्थिति (Schedule H1) |
| पर्चा (Prescription) |
जरूरी था |
अनिवार्य और सख्त |
| रिकॉर्ड रखना |
साधारण |
विस्तृत रिकॉर्ड (3 साल तक) |
| निरीक्षण |
कम सख्त |
कड़ा निरीक्षण और जांच |