Maharashtra: दक्षिण मुंबई के तीन इलाकों में जमीन से अवैध तरीके से पानी निकालकर उसे टैंकरों के जरिए बेचने का मामला सामने आया है। राज्य के राजस्व विभाग ने इस गंभीर मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में आपराधिक शिकायत दर्ज
Maharashtra: दक्षिण मुंबई के तीन इलाकों में जमीन से अवैध तरीके से पानी निकालकर उसे टैंकरों के जरिए बेचने का मामला सामने आया है। राज्य के राजस्व विभाग ने इस गंभीर मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में आपराधिक शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ है जो नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक तौर पर भूजल का इस्तेमाल कर रहे थे।
दक्षिण मुंबई के किन इलाकों में हुई कार्रवाई और क्या है मामला
यह पूरा मामला दक्षिण मुंबई के कालबादेवी इलाके का है, जिसमें पोपटवाड़ी और जांभुलवाड़ी जैसी जगहें शामिल हैं। डिप्टी कलेक्टर ऑफिस ने 21 मई 2026 को एक आदेश जारी कर नायब तहसीलदार को EOW के पास जाकर बयान दर्ज कराने और FIR दर्ज कराने को कहा था। यह कदम भूजल कार्यकर्ता सुरेशकुमार ढोका द्वारा दर्ज कराई गई कई शिकायतों और RTI आवेदनों के बाद उठाया गया है।
पानी के टैंकर ऑपरेटरों की हड़ताल और नियमों का उल्लंघन
इस कार्रवाई के बीच मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। टैंकर ऑपरेटरों का कहना है कि CGWA के नियमों को चुनिंदा तरीके से लागू किया जा रहा है। पिछले एक हफ्ते में लगभग 250 वेल ऑपरेटरों को बिना NOC के पानी निकालने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। यह हड़ताल ऐसे समय पर हुई है जब मुंबई में पहले से ही 10% पानी की कटौती चल रही है, जिससे आम जनता को परेशानी हो सकती है।
भूजल निकालने के लिए क्या हैं सरकारी नियम
मुंबई में भूजल का प्रबंधन महाराष्ट्र ग्राउंडवॉटर एक्ट 2009 और 1993 के नियमों के तहत होता है। नए बोरवेल के लिए MGSDA से अनुमति लेना जरूरी है और गैर-पीने के पानी के लिए BMC से NOC लेना अनिवार्य है। व्यावसायिक स्तर पर पानी निकालने के लिए सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी (CGWA) की गाइडलाइन्स का पालन करना होता है। BMC के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 17,457 पंजीकृत कुएं हैं, लेकिन केवल 619 के पास ही CGWA की अनुमति है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में अवैध बोरवेल के खिलाफ कार्रवाई क्यों हो रही है
दक्षिण मुंबई के कालबादेवी, पोपटवाड़ी और जांभुलवाड़ी में बिना अनुमति के व्यावसायिक स्तर पर भूजल निकालकर टैंकरों के जरिए बेचा जा रहा था, जिसके बाद राजस्व विभाग ने EOW में FIR का आदेश दिया है।
टैंकर ऑपरेटरों की हड़ताल का क्या कारण है
मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन का आरोप है कि CGWA नियमों को सख्ती और चुनिंदा तरीके से लागू किया जा रहा है, क्योंकि करीब 250 ऑपरेटरों को NOC न होने पर नोटिस मिले हैं।