Maharashtra: मुंबई के माटुंगा में स्थित मशहूर Institute of Chemical Technology (ICT) अब अपना ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा खत्म करना चाहता है। करीब 18 साल पहले इस संस्थान को यह स्टेटस मिला था, लेकिन अब इसे अपन
Maharashtra: मुंबई के माटुंगा में स्थित मशहूर Institute of Chemical Technology (ICT) अब अपना ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा खत्म करना चाहता है। करीब 18 साल पहले इस संस्थान को यह स्टेटस मिला था, लेकिन अब इसे अपनी शैक्षणिक आजादी बरकरार रखते हुए इस टैग से छुटकारा पाना है। संस्थान ने इस संबंध में राज्य सरकार को अनौपचारिक तौर पर अपनी इच्छा बता दी है।
ICT अपना स्टेटस क्यों बदलना चाहता है?
डीम्ड यूनिवर्सिटी होने की वजह से ICT को पढ़ाई और रिसर्च में तो काफी आजादी मिली, लेकिन इसके कारण उसे सरकारी फंड मिलने में दिक्कत आ रही है। संस्थान को Rashtriya Uchchatar Shiksha Abhiyan (RUSA) और PM-USHA जैसी बड़ी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, महाराष्ट्र सरकार की आने वाली CM-USHA स्कीम से भी बाहर होने का खतरा है, जिससे रिसर्च के लिए बुनियादी ढांचा सुधारने में मुश्किल होगी।
अब आगे क्या होगा और क्या है नया मॉडल?
ICT चाहता है कि वह अपना ‘डीम्ड’ लेबल हटा दे लेकिन अपनी एकेडमिक ऑटोनोमी (स्वायत्तता) को बचाए रखे। इसके लिए पुणे के COEP Technological University जैसा मॉडल अपनाया जा सकता है या कोई ऐसी स्पेशल कैटेगरी बनाई जा सकती है जिससे फंड मिलना शुरू हो जाए। संस्थान का गवर्निंग बोर्ड इस पर चर्चा कर रहा है, जिसके बाद सरकार को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा।
UGC के नियम और प्रक्रिया क्या कहती है?
UGC के 2022 के नियमों के मुताबिक, अगर कोई डीम्ड यूनिवर्सिटी अपना स्टेटस वापस लेना चाहती है, तो उसे केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह प्रक्रिया तब पूरी मानी जाती है जब वहां पढ़ रहे आखिरी बैच के छात्र अपनी डिग्री पूरी कर लेते हैं। हाल ही में 26 अप्रैल 2026 को UGC ने कुछ नए बदलाव भी किए हैं, जिससे सरकारी फंड पाने वाले संस्थानों के लिए नियमों में कुछ ढील दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ICT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा कब मिला था?
ICT को 12 सितंबर 2008 को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा UGC एक्ट 1956 की धारा 3 के तहत यह दर्जा दिया गया था।
स्टेटस बदलने से ICT को क्या फायदा होगा?
स्टेटस बदलने से ICT को केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी फंडिंग योजनाओं जैसे RUSA, PM-USHA और CM-USHA का लाभ मिल सकेगा, जिससे रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा।