Maharashtra: मुंबई के परेल में स्थित ICMR-NIRRCH संस्थान डॉक्टरों के लिए मुफ्त जेनेटिक ट्रेनिंग प्रोग्राम को दोबारा शुरू करना चाहता है। यह कोर्स पहले पांच साल तक चला था, लेकिन ग्रांट खत्म होने के बाद इसे बंद करना पड़ा। अ
Maharashtra: मुंबई के परेल में स्थित ICMR-NIRRCH संस्थान डॉक्टरों के लिए मुफ्त जेनेटिक ट्रेनिंग प्रोग्राम को दोबारा शुरू करना चाहता है। यह कोर्स पहले पांच साल तक चला था, लेकिन ग्रांट खत्म होने के बाद इसे बंद करना पड़ा। अब संस्थान ने इसे फिर से चालू करने के लिए Department of Health Research (DHR) से संपर्क किया है ताकि देशभर के डॉक्टरों को जेनेटिक्स की बारीकियां सिखाई जा सकें।
यह ट्रेनिंग कोर्स क्यों जरूरी है और इससे क्या फायदा होगा?
यह प्रोग्राम शहर और गांव के बीच स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर को कम करने में मदद करता था। इस ट्रेनिंग के जरिए डॉक्टर यह सीख पाते थे कि किन मरीजों को जेनेटिक टेस्ट की जरूरत है और उनकी रिपोर्ट का सही मतलब क्या है। इससे ऐसे कई केस पकड़े गए जो सामान्य जांच में छूट जाते थे। ICMR-NIRRCH के जेनेटिसिस्ट Dr. Shailesh Pande ने बताया कि उनके सेंटर में काउंसलिंग के लिए आए 250 परिवारों में से 150 परिवार उन डॉक्टरों ने भेजे थे जिन्होंने यह कोर्स किया था।
कोर्स को दोबारा शुरू करने के लिए कितनी राशि की जरूरत है?
संस्थान के मुताबिक, इस कोर्स को फिर से शुरू करने के लिए बहुत ज्यादा बजट की जरूरत नहीं है। इसके लिए लगभग 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आएगा। इस राशि का इस्तेमाल ट्रेनिंग में आने वाले डॉक्टरों के रहने और एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत के लिए यात्रा खर्च के तौर पर किया जाएगा।
कोर्स की मुख्य बातें और भविष्य की योजना
- प्रतिभागी: हर साल 15 से 20 डॉक्टर इस एक महीने की ट्रेनिंग में हिस्सा लेते थे।
- उद्देश्य: डॉक्टरों को जेनेटिक बीमारियों की पहचान और उनके इलाज में सक्षम बनाना।
- वर्तमान स्थिति: ICMR-NIRRCH की डायरेक्टर Dr. Geetanjali Sachdeva ने उम्मीद जताई है कि अगर यह कोर्स इस साल शुरू नहीं हुआ, तो अगले साल तक जरूर लौट आएगा।