Maharashtra: मुंबई के घाटकोपर इलाके की Kailas Avenue हाउसिंग सोसाइटी में एक सफेद रंग के रास्ते को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। यह रास्ता नंगे पैर चलने वाले जैन मुनियों की सुविधा के लिए बनाया गया था। विवाद इतन
Maharashtra: मुंबई के घाटकोपर इलाके की Kailas Avenue हाउसिंग सोसाइटी में एक सफेद रंग के रास्ते को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। यह रास्ता नंगे पैर चलने वाले जैन मुनियों की सुविधा के लिए बनाया गया था। विवाद इतना बढ़ा कि मामला पुलिस और CID तक पहुंच गया, लेकिन अब बातचीत के जरिए इसे सुलझा लिया गया है और रास्ते को पुराने रंग में वापस पेंट किया जा रहा है।
सफेद रास्ता क्यों बनाया गया था और विवाद क्या था?
सोसाइटी की निवासी Bhoomi Sanghvi ने बताया कि यह सफेद पेंट इसलिए किया गया था ताकि गर्मियों में रास्ता ठंडा रहे और मानसून में काई न जमे, जिससे जैन मुनियों को चलने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए सोसाइटी कमेटी से अनुमति ली गई थी। हालांकि, निवासी Prasad Vedpathak ने इसका विरोध किया और इसे कॉमन एरिया में बिना सबकी सहमति के किया गया धार्मिक बदलाव बताया। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की थी।
MNS की प्रतिक्रिया और पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में MNS नेता Sandeep Deshpande ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे सांस्कृतिक आतंकवाद करार दिया। उन्होंने कहा कि शहर पर मराठी लोगों का पहला हक है और इसके जिम्मेदार लोगों के चेहरे काले करने की चेतावनी दी। इस तनाव के बाद Ghatkopar Police और CID ने जांच शुरू की कि क्या कॉमन एरिया में बिना मंजूरी के पेंटिंग की गई थी।
अब क्या है ताजा स्थिति?
पूरे विवाद को अब आपसी बातचीत से सुलझा लिया गया है। सोशल एक्टिविस्ट Prasad Vedpathak ने अपडेट दिया कि 9 जून 2026 को रास्ते को दोबारा पेंट करने का काम शुरू हो गया ताकि वह अपने पुराने रंग में आ जाए। इस कदम के बाद सोसाइटी में शांति बहाल हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सफेद रास्ता किसलिए बनाया गया था?
यह रास्ता नंगे पैर चलने वाले जैन मुनियों के लिए बनाया गया था ताकि गर्मी में सतह ठंडी रहे और बारिश में काई न जमे।
विवाद सुलझने के बाद क्या कदम उठाया गया?
विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया और 9 जून 2026 तक सफेद रास्ते को हटाकर उसे फिर से पुराने रंग में पेंट करना शुरू कर दिया गया।