Mumbai में घर खरीदना हुआ और भी मुश्किल, कमाई का 69% हिस्सा देना होगा EMI में
Maharashtra: मुंबई में अपना घर लेने का सपना अब और महंगा हो गया है। Knight Frank India की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) भारत का सबसे महंगा हाउसिंग मार्केट बना हुआ है। यहाँ एक आम घर खरीदार को अपनी
Maharashtra: मुंबई में अपना घर लेने का सपना अब और महंगा हो गया है। Knight Frank India की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) भारत का सबसे महंगा हाउसिंग मार्केट बना हुआ है। यहाँ एक आम घर खरीदार को अपनी महीने की कमाई का 69% हिस्सा सिर्फ होम लोन की किश्त यानी EMI भरने में खर्च करना पड़ रहा है।
आरबीआई (RBI) ने फरवरी 2025 से रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की थी, जिससे होम लोन की दरें कम हुई थीं। लेकिन मुंबई में मकानों की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि ब्याज दरों में आई कमी का कोई खास फायदा खरीदारों को नहीं मिला।
बैंकिंग नियमों के मुताबिक, अगर किसी की कमाई का 50% से ज्यादा हिस्सा EMI में जा रहा है, तो बैंक लोन देने में हिचकिचाते हैं। मुंबई और दिल्ली-एनसीआर दोनों ही इस 50% की सीमा को काफी पार कर चुके हैं।
| शहर/क्षेत्र | कमाई का EMI हिस्सा (Affordability Ratio) | स्थिति |
|---|---|---|
| Mumbai (MMR) | 69% | सबसे कम किफायती |
| Delhi (NCR) | 67% | बढ़ती मुश्किलें |
| Ahmedabad | 23% | सबसे किफायती |
Knight Frank India के चेयरमैन शिशिर बैजल ने बताया कि ब्याज दरें कम होने से मदद तो मिली है, लेकिन प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों ने इस फायदे को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि बाजार को संतुलित रखने के लिए लोगों की कमाई बढ़ना जरूरी है। वहीं, Savvy Group के चेयरमैन जक्षय शाह के अनुसार, बुनियादी ढांचे (infrastructure) का विकास और आय में बढ़ोतरी ही इस स्थिति को सुधार सकती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अहमदाबाद देश का सबसे सस्ता हाउसिंग मार्केट रहा, जहाँ EMI और आय का अनुपात सिर्फ 23% है। इसके अलावा कोलकाता, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर भी अभी किफायती दायरे में हैं।