Maharashtra: मुंबई में बिजली की खपत ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है। 11 मई 2026 को शहर में बिजली की डिमांड 4,540MW तक पहुंच गई, जो कि अब तक की सबसे ज्यादा डिमांड है। इससे पहले अप्रैल 2026 में यह रिकॉर्ड 4,372MW
Maharashtra: मुंबई में बिजली की खपत ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है। 11 मई 2026 को शहर में बिजली की डिमांड 4,540MW तक पहुंच गई, जो कि अब तक की सबसे ज्यादा डिमांड है। इससे पहले अप्रैल 2026 में यह रिकॉर्ड 4,372MW था। शहर की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता कम होने की वजह से बाहर से भारी मात्रा में बिजली मंगानी पड़ी।
बिजली की मांग इतनी ज्यादा क्यों बढ़ी?
मुंबई में बिजली की खपत बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं। शहर में नए डेटा सेंटर खुल रहे हैं और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा, मेट्रो की नई लाइनों (लाइन 1, 3, 2A और 7) के चलने से बिजली का लोड बढ़ा है। भीषण गर्मी के कारण लोगों ने AC और कूलर का इस्तेमाल ज्यादा किया, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ा है।
बिजली की आपूर्ति और इंतजाम क्या हैं?
मुंबई की कुल मांग 4,540MW थी, जिसमें से Tata Power और Adani Electricity ने मिलकर केवल 865MW बिजली स्थानीय स्तर पर पैदा की। बाकी की 3,675MW बिजली बाहर से मंगानी पड़ी। डिमांड को पूरा करने के लिए अप्रैल 2026 में 1,000MW का नया HVDC लिंक शुरू किया गया था, जिससे बाहरी बिजली लाने की क्षमता 50% बढ़ गई है। साथ ही 80 किलोमीटर लंबी Aarey-Kudus ट्रांसमिशन लाइन भी चालू की गई है।
सरकार और अधिकारियों ने क्या कहा?
MSEDCL के प्रवक्ता भरत पवार ने बताया कि राज्य सरकार बढ़ती डिमांड के लिए तैयार है। सोलर पावर को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना (MSKVY 2.0)’ पर जोर दिया जा रहा है ताकि थर्मल पावर पर निर्भरता कम हो। ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए एयर कूलर लगाए गए हैं और मेंटेनेंस का काम तेज कर दिया गया है। वहीं, NITI Aayog के सलाहकार रजत राम ने कहा कि बढ़ते इलेक्ट्रिफिकेशन से ग्रिड पर दबाव बढ़ रहा है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिजली का इस्तेमाल पीक ऑवर्स के अलावा दूसरे समय पर करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में बिजली की अब तक की सबसे ज्यादा डिमांड कितनी रही?
11 मई 2026 को मुंबई में बिजली की डिमांड 4,540MW दर्ज की गई, जिसने अप्रैल 2026 के 4,372MW के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
बिजली की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
बाहरी बिजली आपूर्ति के लिए 1,000MW का HVDC लिंक और 80 किमी लंबी Aarey-Kudus ट्रांसमिशन लाइन शुरू की गई है, साथ ही सोलर पावर पर जोर दिया जा रहा है।