Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में इन दिनों गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। IMD ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए Yellow Alert जारी किया है। सबसे बड़ी चिंता यह है क
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में इन दिनों गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। IMD ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए Yellow Alert जारी किया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि दिन की तपिश के बाद रात में भी तापमान कम नहीं हो रहा है, जिससे लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है।
गर्मी और उमस का क्या है असर
विशेषज्ञों के मुताबिक मुंबई में एक ‘छिपी हुई हीटवेव’ का खतरा मंडरा रहा है। 15 से 17 अप्रैल के बीच तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान था, लेकिन भारी उमस की वजह से Heat Index 38 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। 17 अप्रैल को तापमान 26 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद 82% उमस के कारण यह 29 डिग्री जैसा महसूस हो रहा है।
रात की गर्मी सेहत के लिए क्यों है खतरनाक
डॉ. प्रदीप अवते और अन्य विशेषज्ञों ने बताया कि जब रातें गर्म होती हैं, तो शरीर दिन भर की थकान और गर्मी से उबर नहीं पाता। इससे नींद की कमी होती है और सेहत पर बुरा असर पड़ता है। यह स्थिति खासकर बाहर काम करने वाले मजदूरों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा जोखिम भरी है। Wockhardt Hospitals में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।
विशेषज्ञों ने क्या सुझाव दिए और क्या है नियम
IMD मुंबई के प्रमुख बिक्रम सिंह ने बताया कि अब हीटवेव का अंदाजा सिर्फ तापमान से नहीं, बल्कि उमस और हीट इंडेक्स से लगाया जाता है। मुंबई जैसे तटीय शहरों में हीटवेव तब घोषित होती है जब तापमान 37 डिग्री या उससे ज्यादा हो और वह सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक हो। विशेषज्ञों ने BMC से शहर में Heat Action Plan लागू करने की मांग की है क्योंकि शहर ने अपनी 81% खुली जमीन खो दी है।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| अलर्ट का प्रकार |
Yellow Alert |
| प्रभावित क्षेत्र |
मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग |
| तापमान सीमा |
34-36°C (महसूस 38°C से ज्यादा) |
| मुख्य कारण |
उच्च उमस और गर्म रातें |
| स्वास्थ्य जोखिम |
हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और नींद की कमी |