Maharashtra: मुंबई की अंबोली पुलिस ने फिल्म प्रोड्यूसर गोपाल पिल्लई विजयकुमार और एम पॉल माइकल के खिलाफ धोखाधड़ी और मानहानि की FIR दर्ज की है। यह मामला मशहूर फिल्म ‘Hera Pheri’ के कॉपीराइट को लेकर शुरू हुआ है।
Maharashtra: मुंबई की अंबोली पुलिस ने फिल्म प्रोड्यूसर गोपाल पिल्लई विजयकुमार और एम पॉल माइकल के खिलाफ धोखाधड़ी और मानहानि की FIR दर्ज की है। यह मामला मशहूर फिल्म ‘Hera Pheri’ के कॉपीराइट को लेकर शुरू हुआ है। प्रोड्यूसर फिरोज नादियावाला की शिकायत के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों हुई FIR
फिरोज नादियावाला का कहना है कि उन्होंने 24 मार्च 2000 को मलयालम फिल्म ‘Ramji Rao Speaking’ के रीमेक राइट्स 4.5 लाख रुपये में खरीदे थे, जिस पर ‘Hera Pheri’ आधारित है। आरोप है कि एम पॉल माइकल और सिद्दीकी-लाल ने साल 2000 में कॉपीराइट का दावा कर फिल्म की ग्लोबल रिलीज रोकने की कोशिश की थी। हाल ही में 30 दिसंबर 2024 को विजयकुमार और माइकल ने नादियावाला को कॉपीराइट उल्लंघन का नोटिस भेजा था।
कोर्ट केस और पुलिस की कार्रवाई
इस विवाद के चलते गोपाल पिल्लई विजयकुमार ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामला तब और बढ़ा जब फरवरी 2026 में ‘Hera Pheri 3’ की प्लानिंग को लेकर फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद फिरोज नादियावाला ने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर 27 अप्रैल 2026 को FIR दर्ज हुई। पुलिस ने यह केस भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 356 और 3(5) के तहत दर्ज किया है।
जांच में किन बातों पर रहेगा जोर
पुलिस अधिकारियों ने आरोपी के तौर पर गोपाल पिल्लई विजयकुमार और एम पॉल माइकल के नाम की पुष्टि की है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अब पुलिस इस बात की जांच करेगी कि फिल्म के राइट्स किसके पास थे और क्या कोई पुराना समझौता हुआ था। जांच में पुराने कॉन्ट्रैक्ट, पैसों के लेन-देन और कागजी सबूतों को खंगाला जाएगा ताकि पता चल सके कि असल में गलती किसकी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Hera Pheri फिल्म के राइट्स को लेकर विवाद क्या है?
यह विवाद ‘Ramji Rao Speaking’ मलयालम फिल्म के रीमेक राइट्स को लेकर है। फिरोज नादियावाला का दावा है कि उन्होंने इसके राइट्स खरीदे थे, जबकि अन्य प्रोड्यूसर्स कॉपीराइट का दावा कर रहे हैं।
किन धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है?
मुंबई की अंबोली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 356 और 3(5) के तहत धोखाधड़ी और मानहानि का मामला दर्ज किया है।