Mumbai में एक हफ्ते में हुई महीने भर की बारिश, El Nino के बावजूद मौसम ने बदला मिजाज

Maharashtra: मुंबई के लोगों ने जुलाई के पहले हफ्ते में ऐसी बारिश देखी जिसने सबको हैरान कर दिया। शहर में सिर्फ सात दिनों के अंदर इतनी बारिश हो गई जितनी आमतौर पर पूरे महीने में होती है। यह स्थिति इसलिए भी अजीब थी क्योंकि इ

Maharashtra: मुंबई के लोगों ने जुलाई के पहले हफ्ते में ऐसी बारिश देखी जिसने सबको हैरान कर दिया। शहर में सिर्फ सात दिनों के अंदर इतनी बारिश हो गई जितनी आमतौर पर पूरे महीने में होती है। यह स्थिति इसलिए भी अजीब थी क्योंकि इस बार El Nino का असर था, जिसकी वजह से आमतौर पर मानसून कमजोर रहता है और बारिश कम होती है।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 के बीच Colaba ऑब्जर्वेटरी में 791 mm बारिश दर्ज की गई, जो कि जुलाई महीने के औसत 768.5 mm से भी ज्यादा है। वहीं Santacruz में भी 879 mm बारिश हुई, जो महीने के औसत 919.9 mm के काफी करीब है। इस साल मुंबई में मानसून अपनी तय तारीख से करीब दो हफ्ते देरी से आया था और जून के अंत तक पूरे देश में करीब 40% बारिश की कमी थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में पश्चिम तट पर हुई भारी बारिश ने इस कमी को घटाकर 20% कर दिया।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि El Nino और ग्लोबल वार्मिंग का मेल इस भारी बारिश की वजह बना। पूर्व महानिदेशक डॉ. के. जे. रमेश और यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के प्रोफेसर डॉ. रघु मुर्तुगुडे के अनुसार, El Nino मानसून की शुरुआत में देरी तो कर सकता है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हवा और समुद्र ज्यादा गर्म हो गए हैं। इससे हवा में नमी सोखने की क्षमता बढ़ गई है, जिससे कम समय में बहुत ज्यादा और तेज बारिश होती है।

इस भारी बारिश के पीछे कुछ और स्थानीय कारण भी थे। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से नमी वाली हवाएं एक साथ मुंबई की तरफ आ रही थीं। साथ ही, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और महाराष्ट्र के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने इस सिस्टम को और मजबूत कर दिया। पश्चिमी घाट की पहाड़ियों ने इन नमी वाली हवाओं को ऊपर धकेला, जिससे शहर में मूसलाधार बारिश हुई।

8 जुलाई तक बारिश की तीव्रता में कमी आई है और Colaba व Santacruz दोनों जगहों पर पांच दिनों में पहली बार 100 mm से कम बारिश दर्ज की गई है। IMD ने बताया है कि आने वाले हफ्ते में मुंबई और ठाणे में हल्की बारिश होने की संभावना है, हालांकि मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है।