Mumbai में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में 100 mm से ज्यादा बरसे बादल

Maharashtra: मुंबई और उसके उपनगरों में सोमवार रात जोरदार बारिश हुई जिससे शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच हुई इस भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं और ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा गया।

Maharashtra: मुंबई और उसके उपनगरों में सोमवार रात जोरदार बारिश हुई जिससे शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच हुई इस भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं और ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा गया। नगर निकाय अधिकारियों के मुताबिक कई इलाकों में महज चार घंटे के भीतर 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर उपनगरों में दिखा। मुलुंड के वीणा नगर में 160.4 mm और पश्चिमी उपनगरों के वर्सोवा में 156.8 mm बारिश हुई। इसके अलावा मणखुर्द में 123 mm, पवई में 122 mm, भांडुप में 120 mm और मरोल व ओशिवारा में 108-108 mm बारिश रिकॉर्ड की गई। पानी भरने की वजह से अंधेरी सबवे को रात 1:46 बजे ही बंद करना पड़ा ताकि कोई हादसा न हो। मालाड सबवे में भी जलजमाव हुआ जिससे उसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और मुलुंड के LBS रोड पर भी ट्रैफिक जाम की स्थिति रही।

इलाका बारिश (mm)
वीणा नगर (मुलुंड) 160.4
वर्सोवा 156.8
मणखुर्द 123
पवई 122
भांडुप 120
मरोल और ओशिवारा 108

IMD ने सोमवार 29 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया था जिसे अब 2 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। रायगढ़ जिले के लिए 2 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, बिजली कड़कने और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। Skymet Weather और AccuWeather के अनुसार जुलाई के पहले हफ्ते में मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पालघर और रायगढ़ सहित तटीय महाराष्ट्र में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी।

BMC ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे हाई टाइड या खराब मौसम के दौरान समुद्र किनारे न जाएं। लोगों को शाम और रात के समय ज्यादा सावधान रहने को कहा गया है क्योंकि तूफान की गतिविधि बढ़ सकती है। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें।

शहर की सात झीलों की स्थिति की बात करें तो 29 जून तक कुल जल स्तर क्षमता के 7% से नीचे था। हालांकि, पिछले 24 घंटों में विहार झील में 112 mm और तुलसी झील में 179 mm बारिश होने से जल स्तर में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।