Mumbai और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई सड़कें डूबीं और स्कूल-कॉलेज बंद
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कें नदियों जैसी नजर आईं, कई पेड़ गिर गए और नया बना बुनियादी ढांचा भी इस बारिश का सामना न
Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कें नदियों जैसी नजर आईं, कई पेड़ गिर गए और नया बना बुनियादी ढांचा भी इस बारिश का सामना नहीं कर पाया। भारी बारिश की वजह से लोग सड़कों पर फंस गए और कई गाड़ियां बड़े गड्ढों में समा गईं।
IMD ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए 4, 5 और 6 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है, जबकि सतारा, पुणे और नासिक के घाट इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। Skymet के विशेषज्ञ जीपी शर्मा के मुताबिक, मुंबई को अगले चार से पांच दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद कम है।
सुरक्षा को देखते हुए BMC ने शनिवार दोपहर से सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और पुणे-नासिक बेल्ट के लोगों से अपील की है कि वे 6 जुलाई तक जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि नए बुनियादी ढांचे में जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें ठीक किया जाएगा।
बारिश का असर शहर के कई इलाकों में देखा गया। चेंबूर, कुर्ला, साकी नाका, पवई, भांडुप, विले पारले, सांताक्रूज और गोरेगांव जैसे इलाकों में भारी जलजमाव हुआ। जलभराव के कारण चेंबूर पेंशन गुफा रोड, अंधेरी सबवे, मलाड सबवे और मिलान सबवे समेत कई महत्वपूर्ण रास्ते बंद करने पड़े। लोकल ट्रेनें देरी से चलीं और BEST बसों की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। मेट्रो लाइन 2A में भी तकनीकी खराबी की खबर आई।
| इलाका | बारिश का स्तर (जुलाई 4) |
|---|---|
| राम मंदिर | 206.5 mm |
| विख्रोली | 188.0 mm |
| सांताक्रूज | 164.1 mm |
| बांद्रा (H वेस्ट वार्ड) | 150.6 mm (24 घंटे में) |
इस बारिश में बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। भांडुप (वेस्ट) में LBS मार्ग पर एक बड़ा गड्ढा हो गया जिसमें एक गाड़ी गिर गई। जुहू-वर्सोवा लिंक रोड का एक हिस्सा भी धंस गया। शहर में कुल 64 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें पवई और मलाड में खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। गोवंडी के बैंगनवाड़ी में एक इमारत का हिस्सा गिरने से एक महिला घायल हो गई।
इस आपदा के दौरान जान-माल का नुकसान भी हुआ है। 2 जुलाई को साकीनाका में एक खुला मैनहोल होने की वजह से 60 वर्षीय असलम इसाक शेख की मौत हो गई। इससे पहले 30 जून को चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की जान चली गई थी। BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि जलजमाव को कम करने के लिए 10,000 कर्मचारी और 448 पंप तैनात किए गए हैं।