Maharashtra: मुंबई जैसे बड़े शहरों में लोग बाहर से तो स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ManipalCigna Health Insurance और YouGov India द्वारा किए गए ‘The India Health Quotient
Maharashtra: मुंबई जैसे बड़े शहरों में लोग बाहर से तो स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ManipalCigna Health Insurance और YouGov India द्वारा किए गए ‘The India Health Quotient 2026’ सर्वे में यह बात सामने आई है। इस स्टडी में 16 शहरों के 2,600 लोगों से बात की गई, जिसमें पाया गया कि मुंबई के लोग बाकी शहरों के मुकाबले ज्यादा तनाव में हैं और उनकी नींद भी पूरी नहीं हो रही है।
शहरी भारत की सेहत का क्या हाल है?
सर्वे के मुताबिक, शहरी भारत का ओवरऑल हेल्थ स्कोर 100 में से 65 रहा है, जिसे ‘गुड’ कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब है कि लोग न तो पूरी तरह फिट हैं और न ही बहुत बीमार। हालांकि, 82% शहरी भारतीयों ने माना कि वे तनाव महसूस करते हैं और इनमें से 14% लोगों के लिए यह तनाव इतना बढ़ गया है कि वे इसे संभाल नहीं पा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ 1% लोगों ने अपनी सेहत को खराब बताया है।
मुंबई की स्थिति बाकी शहरों से अलग क्यों है?
मुंबई का हेल्थ स्कोर 62 रहा, जो राष्ट्रीय शहरी औसत से कम है। सर्वे में देखा गया कि छोटे शहरों के लोग बड़े मेट्रो शहरों के मुकाबले ज्यादा खुश और शांत हैं। छोटे शहरों के लोग शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। मुंबई में नींद की कमी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। डॉ. प्रशांत मखीजा के अनुसार, मेट्रो शहरों में लोग जानते हैं कि उनकी नींद पूरी नहीं हो रही, लेकिन दिन भर की भागदौड़ और काम के दबाव के कारण वे सो नहीं पाते।
हेल्थ स्कोर को किन आधारों पर मापा गया?
इस सर्वे में सेहत को केवल बीमारी से नहीं, बल्कि पांच अलग-अलग पैमानों पर देखा गया है। इसमें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्थिति, पैसों की तंगी (फाइनेंशियल), नौकरी का माहौल (ऑक्यूपेशनल) और सामाजिक रिश्तों (सोशल वेलबीइंग) को शामिल किया गया। सर्वे में पाया गया कि बड़े शहरों में रहने वाले लोग इन पांचों मोर्चों पर छोटे शहरों के मुकाबले ज्यादा दबाव महसूस कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
The India Health Quotient 2026 सर्वे में मुंबई का स्कोर क्या रहा?
मुंबई का हेल्थ स्कोर 62/100 रहा, जो कि शहरी भारत के औसत स्कोर 65 से कम है। यह दर्शाता है कि मुंबई के लोग मानसिक और शारीरिक रूप से अधिक दबाव में हैं।
शहरी भारतीयों में तनाव का स्तर कितना है?
सर्वे के अनुसार, 82% शहरी भारतीय तनाव महसूस कर रहे हैं, जिनमें से 14% लोगों ने अपने तनाव को ‘अनमैनेजेबल’ यानी असहनीय बताया है।