Maharashtra: मुंबई के करीब 99,000 पात्र फेरीवालों के लिए एक बड़ी खबर आई है। Bombay High Court ने BMC को आदेश दिया है कि वह अगले पांच हफ्तों के भीतर इन सभी फेरीवालों के लिए QR कोड वाले नए पहचान पत्र (ID cards) तैयार करे।
Maharashtra: मुंबई के करीब 99,000 पात्र फेरीवालों के लिए एक बड़ी खबर आई है। Bombay High Court ने BMC को आदेश दिया है कि वह अगले पांच हफ्तों के भीतर इन सभी फेरीवालों के लिए QR कोड वाले नए पहचान पत्र (ID cards) तैयार करे। कोर्ट ने यह कदम सिस्टम में पारदर्शिता लाने और अवैध फेरीवालों की पहचान करने के लिए उठाया है।
QR कोड वाले ID कार्ड से क्या होगा फायदा
जस्टिस A S Gadkari और जस्टिस Kamal Khata ने कहा कि QR कोड आने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि कौन सा फेरीवाला कानूनी रूप से दुकान लगा रहा है और कौन अवैध है। कोर्ट ने BMC की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि अवैध फेरीवालों के मुद्दे को ठीक से नहीं सुलझाया गया, जिससे प्रशासनिक अव्यवस्था फैली हुई है।
बांग्लादेशी फेरीवालों की पहचान और वेरिफिकेशन
हाई कोर्ट ने BMC से एक ठोस प्लान मांगा है कि वह कथित बांग्लादेशी फेरीवालों की पहचान कैसे करेगा। कोर्ट ने मुंबई पुलिस और BMC को निर्देश दिया है कि सभी फेरीवालों और उनके सहायकों की पहचान की गहन जांच की जाए। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
आगे की प्रक्रिया और समय सीमा
BMC को 99,000 पात्र फेरीवालों के कार्ड जल्द बनाने हैं, जबकि बाकी 29,008 लोगों के वेरिफिकेशन का काम भी पूरा करना है। कोर्ट ने फेरीवाला यूनियनों को भी निर्देश दिया है कि वे BMC के साथ सहयोग करें और अपने सदस्यों को वार्ड के लाइसेंस विभाग में भेजें। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 10 जून 2026 को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने फेरीवालों को QR कोड वाले ID कार्ड मिलेंगे?
Bombay High Court के आदेश के अनुसार, मुंबई के लगभग 99,000 पात्र फेरीवालों को QR कोड वाले नए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
BMC को यह काम पूरा करने के लिए कितना समय मिला है?
कोर्ट ने BMC को इन पहचान पत्रों को तैयार करने के लिए पांच हफ्ते का समय दिया है और अगली सुनवाई 10 जून 2026 को तय की है।