Maharashtra: मुंबई में इन दिनों Hantavirus को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। शहर के डॉक्टरों ने लोगों को अपने घरों और आसपास के इलाकों में चूहों को नियंत्रित करने के लिए पेस्ट कंट्रोल करवाने की सलाह दी है। हालांकि, डॉक्टरों ने य
Maharashtra: मुंबई में इन दिनों Hantavirus को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। शहर के डॉक्टरों ने लोगों को अपने घरों और आसपास के इलाकों में चूहों को नियंत्रित करने के लिए पेस्ट कंट्रोल करवाने की सलाह दी है। हालांकि, डॉक्टरों ने यह भी साफ किया है कि भारत में इस तरह के संक्रमण बहुत कम देखे जाते हैं और घबराने की जरूरत नहीं है।
Hantavirus से बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस से बचने का सबसे सही तरीका साफ-सफाई रखना और चूहों को घर से दूर रखना है। बेंगलुरु के डॉ. अरविंदा ने सलाह दी है कि गंदी जगहों की सफाई करते समय दस्ताने, मास्क और कीटाणुनाशक का इस्तेमाल करें। साथ ही, धूल उड़ाने वाली सूखी सफाई (dry sweeping) से बचें, क्योंकि वायरस हवा के जरिए फैल सकता है।
BMC और सरकार का क्या कहना है?
Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल Hantavirus को लेकर कोई आधिकारिक हेल्थ एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। वहीं, केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने सावधानी के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है। ICMR और NCDC उन दो भारतीय नागरिकों पर नजर रख रहे हैं जो एक क्रूज शिप पर थे, जहां यह वायरस फैला था।
क्या यह वायरस तेजी से फैलता है?
World Health Organization (WHO) ने भरोसा दिलाया है कि यह वायरस आसानी से नहीं फैलता और वैश्विक स्वास्थ्य जोखिम कम है। डॉ. जीसी खिलनानी के मुताबिक, हालांकि इस बीमारी में मृत्यु दर 30-50% तक हो सकती है, लेकिन यह कोविड या फ्लू की तरह संक्रामक नहीं है। यह मुख्य रूप से पर्यावरण में मौजूद चूहों के संपर्क से फैलता है, इंसानों से इंसानों में इसका फैलना बहुत दुर्लभ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Hantavirus क्या है और यह कैसे फैलता है?
यह एक वायरस है जो मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों के संपर्क या उनके मल-मूत्र से दूषित हवा में सांस लेने से फैलता है। यह इंसानों से इंसानों में आमतौर पर नहीं फैलता है।
क्या भारत में Hantavirus का कोई टीका या इलाज उपलब्ध है?
वर्तमान में Hantavirus के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर सपोर्टिव केयर (सहायक उपचार) दिया जाता है।