Maharashtra: मुंबई के घाटकोपर इलाके में रहने वाले एक 77 साल के बुजुर्ग के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। साइबर ठगों ने खुद को Enforcement Directorate (ED) का अधिकारी बताया और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये ठग लिए।
Maharashtra: मुंबई के घाटकोपर इलाके में रहने वाले एक 77 साल के बुजुर्ग के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। साइबर ठगों ने खुद को Enforcement Directorate (ED) का अधिकारी बताया और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले की शिकायत के बाद ईस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है।
कैसे हुआ यह डिजिटल अरेस्ट घोटाला
धोखाधड़ी करने वाले लोगों ने बुजुर्ग को डराने के लिए सरकारी अधिकारी होने का नाटक किया। उन्होंने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि वे ED से हैं और उन्हें डिजिटल तरीके से गिरफ्तार किया गया है। इसी डर के कारण बुजुर्ग ने ठगों की बातों में आकर अपने खाते से 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामले
मुंबई में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं:
- 18 मई 2026 को एक 58 साल की महिला से 8.75 लाख रुपये ठगे गए।
- 24 अप्रैल 2026 को घाटकोपर के ही एक परिवार से 1.1 करोड़ रुपये की ठगी हुई।
सावधान रहें और इन बातों का ध्यान रखें
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे कॉल्स से सावधान रहें। याद रखें कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस विभाग वीडियो कॉल के जरिए जांच नहीं करता है। साथ ही, कोई भी विभाग वेरिफिकेशन के नाम पर आपसे पैसों के ट्रांसफर की मांग नहीं करता है। अगर ऐसा कोई कॉल आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या होता है?
इसमें ठग पुलिस या ED जैसे सरकारी अधिकारियों का नाम लेकर वीडियो कॉल करते हैं और पीड़ित को डराते हैं कि उन्हें डिजिटल तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद वे केस रफा-दफा करने के नाम पर पैसे मांगते हैं।
क्या सरकारी एजेंसियां वीडियो कॉल पर पैसे मांगती हैं?
नहीं, कोई भी कानून लागू करने वाली एजेंसी या सरकारी विभाग वीडियो कॉल के जरिए जांच नहीं करता और न ही वेरिफिकेशन के लिए पैसे ट्रांसफर करने को कहता है।