Mumbai में पेपर लीक के खिलाफ Gen Z का हल्लाबोल, CJP आंदोलन के बीच पुलिस ने दर्ज की कई FIR
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर इन दिनों युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। परीक्षा के पेपर लीक होने और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर Generation Z के छात्र ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर इन दिनों युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। परीक्षा के पेपर लीक होने और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर Generation Z के छात्र ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उनके माता-पिता और बुजुर्ग भी शामिल हो रहे हैं, जो सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब चीफ जस्टिस सूर्या कांत ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारी युवाओं को ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ कहा, जिसके बाद छात्रों ने इसी नाम से अपनी पार्टी (CJP) बना ली। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का इस्तीफा है। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रबंधन में भारी लापरवाही बरती गई है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि पिछले दस सालों में 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं।
मुंबई पुलिस ने इस स्थिति को संभालने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। 23 जुलाई से 6 अगस्त तक धारा 37 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक है। पुलिस ने 18 जुलाई से अब तक करीब 13 FIR दर्ज की हैं, जिनमें शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि और चेंबूर जैसे इलाकों के लगभग 400 लोग शामिल हैं। दिल्ली में भी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
इस आंदोलन को सोनम वांगचुक का बड़ा समर्थन मिला। दिल्ली में 20 दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद जब उन्हें पुलिस ने हटाया, तो मामला और गरमा गया। हालांकि, 23 जुलाई की आधी रात को सरकार ने वांगचुक की मांगों को मानते हुए आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए चर्चा की जाएगी। साथ ही, परीक्षा में नकल को अपराध घोषित करने वाला एक नया कानून भी पास किया गया है।
मुंबई के शिवाजी पार्क और दादर जैसे इलाकों में अब अलग-अलग पीढ़ियों के लोग एक साथ दिख रहे हैं। राजेश और सुरेश जोग जैसे अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए इस लड़ाई में साथ हैं। शिव सेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शिवाजी पार्क में युवाओं के समर्थन में अपनी बात रखी। फिलहाल, सरकार के कुछ आश्वासनों के बावजूद CJP के समर्थक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।