Mumbai के रेस्टोरेंट और डेयरी में चूहों का आतंक, FDA ने कई बड़े आउटलेट्स के लाइसेंस किए सस्पेंड

Maharashtra: मुंबई के बड़े फूड ब्रांड्स और पुराने डेयरी आउटलेट्स की सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खारघर के एक मशहूर पिज्जा आउटलेट में चूहों को पनीर और चीज खाते हुए देखा गया, जिसके बाद शहर के कई अन्य नामी रेस्टो

Maharashtra: मुंबई के बड़े फूड ब्रांड्स और पुराने डेयरी आउटलेट्स की सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खारघर के एक मशहूर पिज्जा आउटलेट में चूहों को पनीर और चीज खाते हुए देखा गया, जिसके बाद शहर के कई अन्य नामी रेस्टोरेंट्स की पोल भी खुल गई। अब Food and Drug Administration (FDA) ने सख्त रुख अपनाते हुए कई Establishments के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।

मामला 16 जुलाई का है जब खारघर के सेक्टर 35 में कुछ कॉलेज छात्र एक बड़े पिज्जा आउटलेट पहुंचे थे। वहां उन्होंने देखा कि किचन के काउंटर पर चूहे खुले रखे पनीर और चीज को कुतर रहे थे। छात्रों ने इसका वीडियो बना लिया और मैनेजर से शिकायत की, लेकिन मैनेजर ने इसे सामान्य बात बताकर टाल दिया। यह वीडियो जब सोशल मीडिया ग्रुप Kharghar360 के जरिए वायरल हुआ, तो इलाके के अन्य लोगों ने भी ब्रांडेड रेस्टोरेंट्स में गंदगी की शिकायतें शुरू कर दीं।

इस बीच महाराष्ट्र FDA ने राज्यभर में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए छापेमारी शुरू की है। इस कार्रवाई में मुंबई के कई पुराने और मशहूर संस्थान चपेट में आए हैं। मरीन लाइन्स स्थित 110 साल पुरानी Parsi Dairy Farm का लाइसेंस 15 जुलाई को सस्पेंड कर दिया गया, क्योंकि वहां फंगस और कीड़े पाए गए थे। इसी तरह चर्चगेट के मशहूर K Rustom & Co में भी चूहे और मक्खियां मिलीं, साथ ही कोल्ड चेन में कमी और एक्सपायर्ड फ्लेवरिंग एजेंट मिलने के कारण कार्रवाई की गई।

30 जून को भी नरीमन पॉइंट के Flint & Waarsa समेत छह अन्य आउटलेट्स पर गाज गिरी थी। यहां की जांच में सड़े हुए खाने, कॉकरोच, लीकिंग फ्रिज और बिना हेल्थ चेकअप के काम करने वाले कर्मचारी मिले। फूड सेफ्टी कमिश्नर Tukaram Mundhe ने साफ कहा है कि पब्लिक हेल्थ के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

दूसरी तरफ, इस पूरी निगरानी व्यवस्था में स्टाफ की भारी कमी भी सामने आई है। मई 2026 तक राज्य में करीब 11 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड फूड बिजनेस थे, लेकिन उन्हें चेक करने के लिए केवल 130 फूड सेफ्टी ऑफिसर फील्ड में तैनात थे। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की मिलावट या गंदगी की शिकायत FoSCoS पोर्टल, Food Safety Connect ऐप या टोल-फ्री हेल्पलाइन पर करें।