Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शहर की पहली नॉन-एसी लोकल ट्रेन, जिसमें ऑटोमैटिक डोर क्लोजर सिस्टम लगा है, सोमवार 13 अप्रैल 2026 को कुर्ला कार शेड पहुंच गई है। यह
Maharashtra: मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शहर की पहली नॉन-एसी लोकल ट्रेन, जिसमें ऑटोमैटिक डोर क्लोजर सिस्टम लगा है, सोमवार 13 अप्रैल 2026 को कुर्ला कार शेड पहुंच गई है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और सफर को आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है।
नई लोकल ट्रेन की क्या हैं खासियतें?
चेन्नई की Integral Coach Factory (ICF) द्वारा बनाई गई यह 12 कोच वाली ट्रेन है। इसमें सुरक्षा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं ताकि लोग चलते ट्रेन से न गिरें।
- इसमें ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे हैं और एंटी-ड्रैग सिस्टम लगाया गया है।
- इंटरलॉकिंग सिस्टम की वजह से ट्रेन तब तक नहीं चलेगी जब तक सभी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हो जाते।
- हवा के लिए छत पर वेंटिलेशन यूनिट और बड़ी खिड़कियां दी गई हैं ताकि बिना एसी के भी घुटन न हो।
- ट्रेन में पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और ड्राइवर से बात करने के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी है।
ट्रेन की क्षमता और कोच की जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| कुल क्षमता |
5,698 यात्री |
| बैठने की जगह |
1,003 सीटें |
| खड़े होने की जगह |
4,695 यात्री |
| कोच का प्रकार |
8 सेकंड क्लास और 4 फर्स्ट क्लास |
| विशेष कोच |
महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षित |
यह बदलाव क्यों किया गया और कब से चलेगी ट्रेन?
यह फैसला जून 2025 में मुंब्रा के पास हुए एक दुखद हादसे के बाद लिया गया, जिसमें भीड़ वाली ट्रेन से गिरने के कारण पांच यात्रियों की जान चली गई थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी नई नॉन-एसी ट्रेनों में बंद दरवाजों का सिस्टम लगाने का निर्देश दिया था।
सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, इस ट्रेन का सार्वजनिक उपयोग शुरू होने से पहले करीब तीन महीने तक ट्रायल चलेगा। RDSO इसकी स्थिरता और सुरक्षा की जांच करेगा। उम्मीद है कि जुलाई 2026 तक यह ट्रेन पटरी पर उतरेगी। शुरुआती ट्रायल के लिए नेरुल-उरण रूट का इस्तेमाल किया जा सकता है।