Maharashtra: मुंबई के विद्याविहार इलाके में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। Bombay High Court ने उस नाबालिग ड्राइवर के पिता की जमानत रद्द करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसकी वजह से एक व्
Maharashtra: मुंबई के विद्याविहार इलाके में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। Bombay High Court ने उस नाबालिग ड्राइवर के पिता की जमानत रद्द करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित की पत्नी ने कोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे किए।
क्या था पूरा मामला और अब कोर्ट में क्या हुआ?
यह हादसा 5 फरवरी 2026 को विद्याविहार के Somaiya College के पास हुआ था। इस दुर्घटना में घायल 33 साल के Dhrumil Patel की 15 फरवरी को मौत हो गई। पुलिस ने नाबालिग ड्राइवर के पिता को 10 फरवरी को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में सत्र न्यायालय (Sessions Court) ने 4 मार्च को 50,000 रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी थी। अब पीड़ित की पत्नी Menal Patel ने इस जमानत को रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 4 जून 2026 तय की है।
जमानत रद्द कराने के लिए क्या दलीलें दी गईं?
पीड़ित परिवार के वकील Ruben Mascarenhas और Atharva Dandekar ने कोर्ट को बताया कि नाबालिग ड्राइवर का इंस्टाग्राम अकाउंट था, जिसमें वह गाड़ी से खतरनाक स्टंट करता था। आरोप है कि पिता को इस बात की पूरी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने बेटे को गाड़ी चलाने दी। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार को 40 लाख रुपये की ‘ब्लड मनी’ ऑफर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि सत्र न्यायालय ने एक वॉचमैन के बयान को गलत तरीके से समझा और सबूतों को नजरअंदाज किया।
कानूनी धाराएं और अब तक की कार्रवाई
इस केस में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। Dhrumil Patel की मौत के बाद इसमें गैर इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) और लापरवाही से गाड़ी चलाने की धाराएं जोड़ी गईं। पीड़ित की पत्नी ने नाबालिग ड्राइवर की रिहाई को भी चुनौती दी है और तर्क दिया है कि गंभीर अपराधों में केवल ‘बच्चे के सर्वोत्तम हित’ की बात कहकर न्याय से समझौता नहीं किया जा सकता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई कब तय की है?
Bombay High Court ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 जून 2026 के लिए तय की है।
पीड़ित परिवार ने कोर्ट में क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?
परिवार ने आरोप लगाया है कि पिता को नाबालिग के स्टंट्स की जानकारी थी और उन्होंने केस रफा-दफा करने के लिए 40 लाख रुपये देने की पेशकश की थी।