Maharashtra: मुंबई के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि परिवार की मौत फूड पॉइजनिंग से नहीं, बल्कि जहर की वजह से हुई। पुलिस को मृतक परिवार के शरीर और उनके द्व
Maharashtra: मुंबई के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि परिवार की मौत फूड पॉइजनिंग से नहीं, बल्कि जहर की वजह से हुई। पुलिस को मृतक परिवार के शरीर और उनके द्वारा खाए गए तरबूज में जिंक फॉस्फाइड मिला है, जो चूहों को मारने वाला खतरनाक जहर होता है।
मौत की वजह क्या थी और जांच में क्या मिला?
मुंबई पुलिस को मिले FSL रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों के विसरा सैंपल में जिंक फॉस्फाइड पाया गया। जांच अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने जो तरबूज खाया था, उसमें भी यही जहर मिला। हालांकि, खाने की बाकी चीजों में कोई जहर नहीं था। पुलिस ने बताया कि जहर की मात्रा कम होने की वजह से इसे पकड़ने के लिए 54 राउंड टेस्ट करने पड़े, क्योंकि पीड़ितों ने काफी जहर उगल दिया था।
अब पुलिस की जांच किस दिशा में है?
इस खुलासे के बाद JJ मार्ग पुलिस स्टेशन की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि जहर तरबूज के अंदर कैसे पहुंचा। DCP प्रवीण मुंडे ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि यह हादसा था, किसी ने जानबूझकर जहर दिया या यह सुसाइड पैक्ट था। पुलिस इस मामले में फॉरेंसिक डॉक्टरों की मदद ले रही है। इससे पहले FDA ने जांच में कहा था कि तरबूज में कोई मिलावटी रंग या केमिकल नहीं था, लेकिन अब मामला जहर की तरफ मुड़ गया है।
कौन थे परिवार के सदस्य और क्या हुआ था?
इस हादसे में 44 साल के अब्दुल्ला डोकडिया, 35 साल की नसरीन और उनकी दो बेटियां आयशा (16) और जैनब (12/13 साल) की मौत हुई। 26 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने के बाद इन्हें JJ Hospital ले जाया गया था, जहां सबकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मौत से पहले अब्दुल्ला ने शाम की घटनाओं के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी, जिसे जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई के डोकडिया परिवार की मौत का असली कारण क्या था?
FSL रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की मौत जिंक फॉस्फाइड नाम के जहरीले रसायन की वजह से हुई, जो चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल होता है। यह जहर उनके शरीर और खाए गए तरबूज में पाया गया।
क्या यह मामला फूड पॉइजनिंग का था?
शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद अब पुलिस इसे जहर देने या सुसाइड पैक्ट के एंगल से देख रही है।