Maharashtra: मुंबई के प्याधोनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है। शुरुआत में इसे खराब तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुला
Maharashtra: मुंबई के प्याधोनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है। शुरुआत में इसे खराब तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस अब इस मामले में साजिश और आपराधिक एंगल से जांच कर रही है।
मृतकों के शरीर में क्या मिला और अंगों का रंग क्यों बदला?
फोरेंसिक जांच में पता चला है कि मृतकों के दिल, दिमाग और आंतों जैसे जरूरी अंगों का रंग हरा हो गया था। डॉक्टरों का कहना है कि साधारण फूड पॉइजनिंग में ऐसा नहीं होता, यह किसी बेहद जहरीले पदार्थ के असर से हो सकता है। इसके अलावा, परिवार के मुखिया Abdullah Dokadia के शरीर में मॉर्फिन के अंश मिले हैं, जो एक ताकतवर पेनकिलर है।
पुलिस और FDA की जांच में अब तक क्या सामने आया?
मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए 3 से 4 टीमें बनाई हैं। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं और उनके बैंक खातों व बिजनेस के लेन-देन की जांच कर रही है। FDA की टीम ने घर से तरबूज, चिकन पुलाव, बिरयानी और दालचीनी जैसे पाउडर मिले पानी के सैंपल लिए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसका संबंध 2019 के किसी पुराने धोखाधड़ी मामले से है, जिसमें अब्दुल्ला गवाह थे।
कौन थे मरने वाले लोग और क्या थे लक्षण?
यह हादसा प्याधोनी के मुगल बिल्डिंग में रहने वाले डोकडिया परिवार के साथ हुआ। मरने वालों में मोबाइल एक्सेसरीज कारोबारी अब्दुल्ला (40-44 वर्ष), उनकी पत्नी नसरीन (35 वर्ष) और दो बेटियां आयशा (16 वर्ष) और जैनब (12-13 वर्ष) शामिल हैं। 25 अप्रैल की रात को तरबूज खाने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ी और J.J. Hospital में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या तरबूज खाने से ही परिवार की मौत हुई थी?
शुरुआत में शक तरबूज पर था, लेकिन J.J. Hospital के डॉक्टरों और फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ खराब तरबूज से इतनी जल्दी और ऐसी मौत होना मुश्किल है। अब जहरीले पदार्थ और मॉर्फिन की जांच हो रही है।
पुलिस इस मामले में किन पहलुओं पर जांच कर रही है?
पुलिस अब इसे एक आपराधिक मामला मानकर जांच कर रही है। इसमें 2019 के एक पुराने फ्रॉड केस और अब्दुल्ला के बिजनेस संबंधों की जांच की जा रही है ताकि मौत की असली वजह पता चल सके।