Maharashtra: मुंबई में जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। मेयर रितु तावड़े ने इस घोटाले को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की मांग की है।
Maharashtra: मुंबई में जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। मेयर रितु तावड़े ने इस घोटाले को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की मांग की है। उन्होंने मुंबई पुलिस से भी 48 घंटे के भीतर उन आरोपियों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है, जिनके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
फर्जी सर्टिफिकेट घोटाले में क्या हुआ खुलासा?
BMC की एक आंतरिक जांच में पता चला है कि 2024 से 2026 के बीच करीब 87,347 विदेशी नागरिकों को अवैध तरीके से बर्थ सर्टिफिकेट जारी किए गए। शुरुआत में 19,000 सर्टिफिकेट्स में बिना किसी कागजात के बदलाव किए गए थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 40,000 तक पहुंच गई है। नियमों के मुताबिक रजिस्ट्रेशन केवल Civil Registration System (CRS) पोर्टल से होना चाहिए, लेकिन कई फर्जी सर्टिफिकेट पुराने SAP सिस्टम के जरिए बनाए गए।
सरकार ने क्या एक्शन लिया और कौन हैं आरोपी?
महाराष्ट्र स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने 9 जून 2026 को BMC द्वारा किए गए 19,734 संशोधनों को रद्द करने का आदेश दिया। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ये बदलाव RBD एक्ट के नियमों के खिलाफ थे। इस पूरे घोटाले की जांच अब क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। इसमें BMC स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अधिकारियों डॉ. संजय फुंडे और डॉ. प्रदीप कशले के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिन पर बिना वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट मंजूर करने का आरोप है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं?
BMC की जांच के अनुसार 2024 से 2026 के बीच 87,347 विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से बर्थ सर्टिफिकेट दिए गए और करीब 40,000 सर्टिफिकेट्स में गलत तरीके से बदलाव किए गए।
सरकार ने सर्टिफिकेट रद्द करने का आदेश क्यों दिया?
स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने पाया कि 19,734 सर्टिफिकेट्स में किए गए बदलाव RBD एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं करते थे, इसलिए उन्हें रद्द कर पुराने रिकॉर्ड बहाल करने को कहा गया।