Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को प्रफुल्ल लोढ़ा को गिरफ्तार करने और अपनी कस्टडी में लेने की इजाजत दे दी है। लोढ़ा पहले से ही कई गंभीर अपराधों के चलते जेल में बंद हैं। ED अब उनसे मनी लॉन्ड
Maharashtra: मुंबई की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को प्रफुल्ल लोढ़ा को गिरफ्तार करने और अपनी कस्टडी में लेने की इजाजत दे दी है। लोढ़ा पहले से ही कई गंभीर अपराधों के चलते जेल में बंद हैं। ED अब उनसे मनी लॉन्ड्रिंग यानी पैसों की हेराफेरी के मामले में पूछताछ करेगी ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने अपनी कमाई से ज्यादा संपत्ति कैसे बनाई।
ED प्रफुल्ल लोढ़ा से क्यों करना चाहती है पूछताछ?
ED का मानना है कि प्रफुल्ल लोढ़ा ने अपनी कानूनी कमाई से कहीं ज्यादा अचल संपत्ति जमा की है। जांच में सामने आया है कि बैंक खातों के जरिए कैश जमा किया गया और फिर उस पैसे से प्रॉपर्टी खरीदी गई और निर्माण कार्य कराया गया। एजेंसी अब इन पैसों के असली स्रोत का पता लगाना चाहती है। इसके लिए कोर्ट ने उन्हें आर्थर रोड जेल से हिरासत में लेने की अनुमति दी है ताकि वित्तीय दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर उनसे सवाल किए जा सकें।
इस पूरे मामले की शुरुआत कैसे हुई?
इस मनी लॉन्ड्रिंग जांच की जड़ में नासिक में दर्ज एक धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें एक निवेशक से 62.5 लाख रुपये ठगने का आरोप है। इसी मामले को ‘शेड्यूल्ड ऑफेंस’ मानकर ED ने सितंबर 2025 में प्रफुल्ल लोढ़ा के खिलाफ ECIR दर्ज की थी। लोढ़ा पर यौन शोषण, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे अन्य गंभीर आरोप भी लगे हुए हैं। PMLA कानून की धारा 50(2) और 50(3) के तहत ED उनके बयान दर्ज करेगी और जरूरी दस्तावेज मांगेगी।
जांच की अब तक की टाइमलाइन क्या रही?
| तारीख |
मुख्य घटना |
| सितंबर 2025 |
ED ने प्रफुल्ल लोढ़ा के खिलाफ ECIR दर्ज की |
| 19 फरवरी 2026 |
कोर्ट ने ED को लोढ़ा का बयान दर्ज करने की अनुमति दी |
| 28 अप्रैल 2026 |
PMLA कोर्ट ने लोढ़ा को 6 मई को पेश करने का आदेश दिया |
| 6 मई 2026 |
कोर्ट ने ED को लोढ़ा की गिरफ्तारी और कस्टडी की मंजूरी दी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रफुल्ल लोढ़ा पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उन पर मनी लॉन्ड्रिंग, नासिक में 62.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी, यौन शोषण और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगे हुए हैं।
ED उन्हें कस्टडी में लेकर क्या करना चाहती है?
ED उनकी संपत्ति के स्रोतों का पता लगाना चाहती है और यह देखना चाहती है कि बैंक खातों के जरिए कैसे कैश रूट करके प्रॉपर्टी खरीदी गई।