Gadchiroli में मुंबई के डॉक्टरों ने पूर्व माओवादियों की रीढ़ की हड्डी का किया ऑपरेशन, अब दर्द से मिलेगी राहत

Maharashtra/Gadchiroli : मुंबई के डॉक्टरों की एक टीम ने गढ़चिरौली के जंगलों में रहकर सालों तक संघर्ष करने वाले पूर्व माओवादियों की मदद की है। डॉ. शेखर भोजराज के नेतृत्व में सर्जनों की टीम ने 922 किलोमीटर का सफर तय कर SEA

Maharashtra/Gadchiroli : मुंबई के डॉक्टरों की एक टीम ने गढ़चिरौली के जंगलों में रहकर सालों तक संघर्ष करने वाले पूर्व माओवादियों की मदद की है। डॉ. शेखर भोजराज के नेतृत्व में सर्जनों की टीम ने 922 किलोमीटर का सफर तय कर SEARCH के मां दंतेश्वरी दवाखाने में तीन पूर्व माओवादियों की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया। ये लोग गंभीर साइटिका (Sciatica) की समस्या से जूझ रहे थे और उन्हें चलने-फिरने में काफी तकलीफ हो रही थी।

इन ऑपरेशनों का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना है जिन्होंने सालों तक भारी वजन उठाए और उबड़-खाबड़ रास्तों पर पैदल सफर किया। 56 वर्षीय सरोजा सालकुला, जिन्होंने अक्टूबर 2025 में सरेंडर किया था, पिछले हफ्ते अस्पताल से छुट्टी पा चुकी हैं और अब फिजियोथेरेपी ले रही हैं। वहीं भीमन्ना कुलमुथे नाम के एक अन्य पूर्व माओवादी की सर्जरी भी हुई है और वह अपनी पत्नी के कंधे के ऑपरेशन के लिए दोबारा अस्पताल पहुंचे हैं।

डॉ. आदित्य अग्रवाल ने बताया कि पूर्व माओवादियों में पुरानी गोलियों की चोट, गलत तरीके से जुड़ी हड्डियां और पुराने फ्रैक्चर जैसी कई समस्याएं मिली हैं। जंगल में रहने के दौरान पोषण की कमी और चोटों का सही इलाज न होने की वजह से उनकी स्थिति गंभीर थी। इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. रानी बंग (Bangubai) और SEARCH संस्था की अहम भूमिका रही है, जो पिछले तीन दशकों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

पुनर्वास के लिए केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि अन्य राज्य भी कदम उठा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सल सरेंडर/विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025’ मंजूर की है, जिसके तहत आर्थिक मदद और मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। वहां के युवाओं को आयुष्मान भारत कार्ड भी दिए जा रहे हैं ताकि वे कैशलेस इलाज करा सकें। वहीं तेलंगाना सरकार भी पूर्व कैडरों के लिए स्वास्थ्य कार्ड और मुफ्त चिकित्सा सेवाओं का प्रस्ताव तैयार कर रही है। महाराष्ट्र पुलिस भी ‘प्रोजेक्ट संजीवनी’ के जरिए सरेंडर करने वाले माओवादियों की मदद कर रही है।