Maharashtra: सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने यात्रियों की सुरक्षा और मदद के लिए बड़ी कामयाबी हासिल की है। 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच RPF ने 113 खोए हुए बच्चों को उनके परिवार से मिलाया और
Maharashtra: सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने यात्रियों की सुरक्षा और मदद के लिए बड़ी कामयाबी हासिल की है। 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच RPF ने 113 खोए हुए बच्चों को उनके परिवार से मिलाया और 6 लोगों की जान बचाई। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि RPF अब पहले से ज्यादा सतर्क है जिससे ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकी है।
RPF के अलग-अलग ऑपरेशन्स के तहत क्या हुआ काम?
सेंट्रल रेलवे की RPF ने अलग-अलग अभियानों के जरिए लोगों की मदद की है। इसमें बच्चों, बुजुर्गों और हादसे का शिकार होने वाले यात्रियों को बचाया गया। मुंबई डिवीजन के अलावा पूरे सेंट्रल रेलवे के आंकड़े नीचे दी गई टेबल में हैं:
| ऑपरेशन का नाम |
मकसद |
कुल संख्या (सेंट्रल रेलवे) |
मुंबई डिवीजन का योगदान |
| ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते |
लावारिस और खोए बच्चों की मदद |
499 बच्चे (331 लड़के, 168 लड़कियां) |
113 बच्चे (73 लड़के, 40 लड़कियां) |
| ऑपरेशन डिग्निटी |
बेसहारा वयस्कों की देखभाल |
85 लोग (38 पुरुष, 47 महिलाएं) |
– |
| ऑपरेशन जीवन रक्षा |
हादसों से जान बचाना |
25 लोग (20 पुरुष, 5 महिलाएं) |
6 लोगों की जान बचाई |
रेलवे परिसर में मदद के लिए क्या करें?
RPF ने आम जनता से अपील की है कि अगर उन्हें रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई खोया हुआ, परेशान, बेसहारा या मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति मिले, तो उसकी जानकारी तुरंत दें। यात्री इसकी सूचना रेलवे स्टाफ या RPF को दे सकते हैं। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है। RPF बच्चों के पुनर्वास के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और NGO के साथ मिलकर काम करती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेलवे स्टेशन पर किसी खोए हुए व्यक्ति की सूचना कहाँ दें?
यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं या स्टेशन पर मौजूद RPF और रेलवे स्टाफ को इसकी जानकारी दे सकते हैं।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते क्या है?
यह एक देशव्यापी अभियान है जिसके तहत रेलवे परिसर में मिले लावारिस, खोए हुए या बेसहारा बच्चों को बचाया जाता है और उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाता है।