Maharashtra: मुंबई अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। Mayor Ritu Tawde ने अपने पद संभालने के पहले 100 दिनों के बाद शहर के विकास का खाका पेश किया है। उनका लक्ष्य मुंबई को प्रदूषण मुक्त और जाम से राहत दिलाना है। इसके साथ ही स
Maharashtra: मुंबई अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। Mayor Ritu Tawde ने अपने पद संभालने के पहले 100 दिनों के बाद शहर के विकास का खाका पेश किया है। उनका लक्ष्य मुंबई को प्रदूषण मुक्त और जाम से राहत दिलाना है। इसके साथ ही सरकार शहर को झुग्गी-मुक्त बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
मुंबई के विकास के लिए क्या हैं मुख्य योजनाएं?
Mayor Ritu Tawde ने बताया कि शहर में बड़े पैमाने पर सड़कों का कंक्रीटीकरण और पुलों का निर्माण चल रहा है। Metro Railway जैसे प्रोजेक्ट्स से ट्रैफिक की समस्या कम होगी। मेयर का विजन शहर को Eco-friendly बनाना है, जिसके लिए वे ग्रीन कवर बढ़ाने और धूल कम करने के उपायों पर जोर दे रही हैं। साथ ही, निजी सोसायटियों में खतरनाक पेड़ों की छंटाई के कानूनी नियमों की समीक्षा की जाएगी ताकि मानसून में हादसे न हों।
Slum-free मुंबई और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स क्या हैं?
Deputy CM Eknath Shinde ने 2030 तक मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत करीब 15 लाख पुनर्वास घर बनाए जाएंगे। Dharavi का क्लस्टर पुनर्विकास किया जाएगा, जहाँ Mithi River की सफाई और एक मल्टीमॉडल ट्रांजिट सेंटर बनाया जाएगा। इसके अलावा, NHAI पुणे-मुंबई के बीच एक दूसरा एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी में है, जिससे यात्रा का समय घटकर 90 मिनट रह जाएगा।
विदेशी निवेश और पोर्ट का क्या अपडेट है?
World Bank के सीनियर एडवाइजर M Jamshed ने महाराष्ट्र के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की तारीफ की है। Adani Group ने राज्य में 66 बिलियन डॉलर के निवेश का प्रस्ताव दिया है। वहीं, Mumbai Port Authority ने वित्त वर्ष 2025-26 में 75.15 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडल कर अपना अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है, जिसे अब 80 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने का लक्ष्य कब तक है?
Deputy CM Eknath Shinde के अनुसार, 2030 तक मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने का लक्ष्य है, जिसके तहत 15 लाख पुनर्वास घर बनाए जाएंगे।
पुणे-मुंबई के बीच नए एक्सप्रेसवे से क्या फायदा होगा?
NHAI द्वारा प्रस्तावित 15,000 करोड़ रुपये के इस दूसरे एक्सप्रेसवे से पुणे और मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 90 मिनट रह जाएगा।